सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व में बाघिन पीएन-224 की तलाश जारी है। प्रबंधन इसे राजस्थान ट्रांस लोकेट करने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। बुधवार को बाघिन को घेरने के लिए जंगल में आठ हाथियों का दल कई घंटों तक डटा रहा। पांच बार दिखने के बावजूद बाघिन पीएन-224 चालाकी से हाथी दल से बचकर जंगल में छिप गई। सुबह से दोपहर तक चले सर्च अभियान में आठ हाथियों के कर्मचारियों सहित 30 वनकर्मियों का मैदानी गश्ती दल शामिल था। बाघिन की सही लोकेशन ट्रैक करने के लिए रूखड़ और कुरई जंगल में 40 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं, साथ ही 13 ऑनलाइन कैमरों की मदद भी ली जा रही है। 30 स्थानों पर बाघिन के पगमार्क का पता लगाने के लिए पीआईपी (रेतीले स्थल) बनाए गए हैं। काफी प्रयासों के बावजूद बुधवार को बाघिन के रेस्क्यू का अभियान आगे नहीं बढ़ पाया। इस दौरान पेंच के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह और वन्यप्राणी चिकित्सक सहित अन्य अधिकारी जंगल में मौजूद रहे। गुरुवार सुबह से बाघिन की सर्चिंग फिर शुरू की गई है। हाथियों के संयुक्त दल ने की खोज दरअसल, यह देश का पहला इंटर-स्टेट बाघ ट्रांस लोकेशन है, जिसकी तैयारी मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व और राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व ने पूरी कर ली है। चिह्नित बाघिन को लेने के लिए राजस्थान कोटा से सीसीएफ वाइल्ड लाइफ सुगनाराम जाट और वन्यप्राणी डॉ. तेजेन्द्र सिंह रियार पेंच टाइगर रिजर्व में मौजूद हैं। दोनों राज्यों के अधिकारियों का संयुक्त दल इस पहले इंटर-स्टेट बाघ ट्रांस-लोकेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने में कई दिनों से लगा है। इससे पहले दिसंबर में बाघिन पीएन-224 को डार्ट मारकर रेडियो कॉलर लगाया गया था, जिसके बाद उसे पेंच जंगल में छोड़ दिया गया था। हालांकि, अगले ही दिन झाड़ियों में बाघिन का सैटेलाइट रेडियो कॉलर मिला था। इसके बाद दूसरी बाघिन पीएन-230 की तलाश शुरू की गई थी, लेकिन वह भी सर्चिंग के दौरान वन अमले को नहीं दिखी। इसी के बाद बाघिन पीएन-224 को ही राजस्थान भेजने का फैसला लिया गया और उसकी तलाश की जा रही है। हेलीकॉप्टर भेजेंगे राजस्थान इस बार पेंच की बाघिन पीएन 224 को ट्रंकुलाइज कर सैटेलाइट रेडियो कालर लगाने के बाद तुरंत राजस्थान भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। हांलाकि अंतिम निर्णय चिकित्सकों व पेंच प्रबंधन के अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू के बाद लिया जाएगा। सुकतरा हवाई पट्टी से वायु सेना का हेलीकाप्टर बाघिन को लेकर राजस्थान के लिए उड़ान भरेगा। अधिकारियों के अनुसार इंटरस्टेट ट्रांस लोकेशन अभियान में पेंच टाइगर रिजर्व की बाघिन को राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व तक वायुसेना के हेलीकाप्टर से ले जाया जाएगा। हेलीकाप्टर में बाघिन को किस तरह ले जाया जाएगा, पिंजरा कैसे रखा जाएगा, हेलीकाप्टर से शिफ्टिंग में किसी तरह की परेशानी तो नहीं आएगी आदि बिंदुओं का पूर्व अभ्यास किया जा चुका है।


