सतना जिले के बिरसिंहपुर कस्बे में स्टेट जीएसटी की टीम ने टैक्स चोरी के मामले में दो लोहा कारोबार से जुड़ी फार्मों और उनके आवासों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुई, जो देर रात तक जारी रही। स्टेट जीएसटी के संभागीय ज्वाइंट कमिश्नर उमेश तिवारी के निर्देश पर 15 सदस्यीय टीम बिरसिंहपुर पहुंची। टीम ने बस स्टैंड के पास संचालित अजय प्लाईवुड एंड हार्डवेयर और गौरी हार्डवेयर एंड ट्रेडर्स में दस्तावेजों की गहन जांच की। 35-40 लाख टर्नओवर दिखाकर टैक्स से बचने का आरोप विभागीय सूत्रों के अनुसार, दोनों फर्मों द्वारा सालाना 35 से 40 लाख रुपए का टर्नओवर दर्शाया जा रहा था। आरोप है कि टैक्स जमा करने के बजाय इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के जरिए टैक्स का सेटलमेंट किया जा रहा था। दस्तावेज और स्टॉक नहीं मिला, फर्म सीज जांच के दौरान जरूरी दस्तावेज और स्टॉक का सत्यापन नहीं हो पाया। इस पर विभाग ने दोनों फर्मों को सीज कर दिया। टीम को कारोबार से जुड़े कई अहम कागजात भी मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। कच्चे कागजों पर बड़े पैमाने पर कारोबार की आशंका सूत्रों के मुताबिक, इन फर्मों की बिरसिंहपुर और आसपास के गांवों में लोहा, प्लाईवुड, पेंट, दरवाजे सहित अन्य बिल्डिंग मटेरियल की व्यापक सप्लाई है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है। जांच में अधिकांश कारोबार कच्चे कागजों पर होने की आशंका जताई जा रही है। इन अधिकारियों की रही मौजूदगी कार्रवाई में असिस्टेंट कमिश्नर अमित सिंह, मनोरमा तिवारी, एसटीओ मृत्युंजय तिवारी, प्रियंका सोगौरा, सुदीप चतुर्वेदी, कृपाशंकर सिंह, सविता रावत, ओम दुबे सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। फिलहाल स्टेट जीएसटी विभाग की ओर से जब्त दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच और कर निर्धारण की प्रक्रिया की जा रही है।


