जिस बादल परिवार के बिना पार्टी के वजूद की कल्पना नहीं की जा सकती थी उसके प्रधान पद से मुक्त होने के बाद आगे पार्टी का क्या होगा, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। पंथक सियासत से जुड़े लोगों का मानना है कि कुछ समय के लिए भले ही लगे कि सुखबीर के बिना पार्टी नहीं चल सकेगी। लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा। पहले भी तमाम ऐसे मुखी हुए हैं जिनके बिना पार्टी की कल्पना नहीं की जा सकती थी। परंतु उनके बाद भी पार्टी बेहतर तरीके से पंजाब और पंजाबियत का प्रतिनिधित्व करती रही है। पंथक माहिर एस. पुरुषोत्तम का कहना है कि सुखबीर बादल ने जो आज किया है वह उनको उसी समय कर देना चाहिए था, जब उनके इस्तीफे की मांग उठी थी। अगर ऐसा हो जाता तो पार्टी में न तो बगावत होती ना ही उसकी यह दशा होती। खैर, इसे देर आयद दुरुस्त आयद वाली स्थिति माना जा सकता है। उनका मानना है कि जो नुकसान हुआ है उसे पूरा होने में वक्त लगेगा लेकिन यह कहना कतई सही नहीं है कि सुखबीर के बिना पार्टी नहीं चलेगी। आगे राह आसान होगी। पंथक मामलों के जानकार भाई चरणजीत सिंह कहते हैं कि पार्टी में बादल परिवार का वर्चस्व चुनिंदा लोगों ने बना दिया था। {शेष पेज 3 पर शिअद को अभी मुश्किल होगी लेकिन आगे राह होगी आसान भास्कर न्यूज | चंडीगढ़ पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल का शिरोमणि अकाली दल के प्रधान पद से दिया गया इस्तीफा 10 जनवरी को मंजूर हो गया। इसे लेकर चंडीगढ़ में अकाली दल की वर्किंग कमेटी की मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता वर्किंग प्रधान बलविंदर सिंह भूंदड़ ने की। एक मार्च को प्रधान पद के लिए चुनाव होगा। गुलजार सिंह रणीके को मुख्य चुनाव अधिकारी लगाया गया है। 20 जनवरी से 20 फरवरी तक मेंबरशिप मुहिम शुरू की जाएगी। 25 लाख मेंबरशिप का टारगेट रखा गया है। शिरोमणि अकाली दल का गठन 14 दिसंबर 1920 को हुआ था। इसके बाद से पार्टी के 20 प्रधान बने। हालांकि, परकाश सिंह बादल के 1995 में पार्टी की कमान संभालने के बाद वह 2008 तक इस पद पर रहे। उसके बाद सुखबीर बादल को प्रधानगी दी गई। 16 नवंबर 2024 को सुखबीर बादल ने इस्तीफा दे दिया था। अब 30 साल बाद ऐसा मौका आ रहा है कि बादल परिवार के बजाय कोई दूसरा अकाली दल का प्रधान बन सकता है। चीमा ने सभी नेताओं से अपील भी की कि जो पार्टी से बाहर हैं, वे पार्टी से संपर्क करें ताकि सभी वापस आ सकें। सुखबीर बादल भी आज की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कार्यसमिति को अपना इस्तीफा स्वीकार करने के लिए राजी किया तथा पार्टी अध्यक्ष के रूप में धन्यवाद दिया। सुखबीर बोले-कार्यकर्ता के रूप में पार्टी व पंजाब की सेवा करेंगे संगठनात्मक चुनाव 20 जनवरी से नए सिरे से होंगे…डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कार्यसमिति ने यह भी निर्णय लिया है कि पार्टी के संगठनात्मक चुनाव 20 जनवरी से नए सिरे से होंगे। उन्होंने कहा कि यह भर्ती अभियान एक महीने तक चलेगा और पार्टी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव एक मार्च को होगा।


