संजय तिवारी | अमृतसर 8 माह पहले हथियार-आईईडी बरामदगी केस में काबू 3 आरोपियों की निशानदेही पर जासूसी के आरोप में जेल में बंद सेना के 2 जवानों का नाम सामने आया है। एसएसओसी ने फताहपुर जेल में बंद दोनों आरोपियों अमृतपाल और संदीप को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर न्यायाधीश गरिमा गुप्ता की अदालत पेश करके 3 दिन का रिमांड हासिल किया। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसएसओसी अधिकारी के मुताबिक, 22 अप्रैल 2025 को बीएसएफ को बीओपी कलामडोगर सीमा में ड्रोन के जरिए एक बड़ा संदिग्ध पैकेट गिराए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद बीएसएफ और एसएसओसी की संयुक्त कार्रवाई में खेतों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। खेप में 4 हैंड ग्रेनेड, 2.7 किलो मेटल आईईडी, 2 रिमोट कंट्रोल (टूटी हालत में), 2 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 2 पिस्टल और 50 जिंदा कारतूस थे। एसएसओसी की टीम ने मामले की जांच शुरू की तो 3 युवक काबू किए। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि फताहपुर सेंट्रल जेल में बंद सेना के 2 जवानों संपर्क में थे जिन्होंने जेल में बैठे ही पाकिस्तानी आईएसआई के जरिए आईईडी, ग्रेनेड और हथियार मंगवाए थे। दोनों जवानों की पहचान तरनतारन जिले के चोहला साहिब निवासी अमृतपाल सिंह और मानसा जिले के सरदूलेवाल गांव के रहने वाले संदीप सिंह के रूप में हुई है। एसएसओसी की टीम ने जेल में बंद दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की। वहीं जेल में इस्तेमाल किए मोबाइल को भी बरामद किया। इस मामले में और दो से तीन लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गौर हो कि देहाती के थाना घरिंडा पुलिस ने 6 फरवरी को सेना के जवान अमृतपाल सिंह को उसके 2 साथियों मनदीप सिंह और माधव शर्मा के साथ काबू किया था। आरोपियों से 500 ग्राम हेरोइन और 10 लाख रुपए बरामद हुए थे। फौजी अमृतपाल की निशानदेही पर 8 फरवरी को फौजी संदीप को पटियाला से काबू किया था। दोनों नासिक आर्मी कैंप में तैनात थे और छुट्टी पर आकर हेरोइन और हथियारों की तस्करी करते थे। इस मामले में नासिक में ही तैनात फौजी राजबीर सिंह निवासी पट्टी का नाम सामने आया था जो उस वक्त ऑन डयूटी था और उसके बाद फरार हो गया था। उसकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपी फौजी से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि पाकिस्तानी एजेंट अब्दुल के संपर्क में थे और इन्होंने बार्डर की जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भी भेजी थी। अमृतपाल और संदीप इसी मामले में सेंट्रल जेल फताहपुर में बंद थे। दोनों फौजी मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता से हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी गिरफ्तारियां व बड़े खुलासे संभव हैं। आरोपी 9 महीने से जेल में बंद है। जेल में बैठे ही तस्करी का मॉडयूल चला रहे थे। इससे पहले कितनी खेप मंगवाकर आगे सप्लाई कर चुके हैं और इनके या इनके किसी रिश्तेदार के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं या नहीं उसकी डिटेल निकाली जा रही है। जांच एजेंसियों ने खेप को सीमा पार से भेजी गई आतंकी साजिश करार दिया था। आरोपियों से पूछताछ में अहम खुलासे होने की संभावना है।


