दतिया में जमीन खरीदने के नाम पर 21 लाख 56 हजार 330 रुपए की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुरैना जिले के जौरा तहसील अंतर्गत रघुनाथपुरा धाम निवासी नरेंद्र सिंह सिकरवार ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि ग्वालियर निवासी रामेन्द्र परमार और झांसी जिले के चिरगांव निवासी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने ग्राम बड़गौर और छिडोरी तहसील बड़ौनी की जमीन बेचने का झांसा देकर उनसे और उनके भाई वीरेन्द्र सिंह सिकरवार से मोटी रकम हड़प ली। शिकायत के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री के लिए 3 दिसंबर को दतिया रजिस्ट्रार कार्यालय में स्लॉट भी बुक कराया गया था। इसी दौरान नरेंद्र सिंह के भाई वीरेन्द्र सिकरवार ने अपनी कंपनी के एचडीएफसी बैंक खाते से दो आरटीजीएस के जरिए 19 लाख 56 हजार 330 रुपए शैलेन्द्र प्रताप सिंह के खाते में ट्रांसफर किए। वहीं रामेन्द्र परमार ने अलग से 2 लाख रुपए नकद ले लिए। जांच में मिलीभगत से धोखाधड़ी उजागर
पीड़ित का आरोप है कि रजिस्ट्रार कार्यालय में पहुंचने के बाद आरोपी ओटीपी का बहाना बनाकर बाहर गए और फिर वापस नहीं लौटे। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन भी बंद हो गए। इससे पहले भी 15 जुलाई को इसी तरह स्लॉट बुक कराकर रजिस्ट्री नहीं कराई गई थी। जांच के दौरान पुलिस के सामने आरटीजीएस स्लिप, स्लॉट बुकिंग की रसीदें और वॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों द्वारा आपसी मिलीभगत से धोखाधड़ी करना पाया। कोतवाली थाना पुलिस ने शैलेन्द्र प्रताप सिंह और रामेन्द्र परमार के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। टीआई धीरेन्द्र मिश्रा ने बताया कि फिलहाल पूरे मामले की विवेचना जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।


