केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद एक जनवरी 2026 को प्रदेश के 13 अधिकारी डीआईजी बनेंगे। इसके अलावा डीआईजी के तीन पद आईपीएस अफसरों के रिटायरमेंट के आधार पर भरे जाएंगे। इस बार हुई डीपीसी में वर्ष 2010, 2011 और 2012 बैच के अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। आज हुई डीपीसी में एडीजी से स्पेशल डीजी पद के लिए एके सिंह और आशुतोष राय के नाम पर चर्चा हुई। एके सिंह केंद्र में पदस्थ हैं और उनकी वापसी की चर्चा है। सिंह वापस नहीं लौटे तो आशुतोष राय को स्पेशल डीजी बनाया जाएगा। उधर, जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा एडीजी बनेंगे। इसके आदेश 31 दिसंबर को जारी होने की संभावना है। विशेष महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, उप महानिरीक्षक और सिलेक्शन ग्रेड में अधिकारियों को पदोन्नति को लेकर शुक्रवार को डीपीसी मीटिंग हुई। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में हुई डीपीसी बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना अपर मुख्य सचिव गृह विभाग शिवशेखर शुक्ला मौजूद रहे। वर्ष 2010 बैच के 6 अधिकारी, 2011 बैच के 4 अधिकारी और 2012 बैच के 5 अधिकारी डीआईजी बनाए जाएंगे। इस प्रकार कुल 16 अधिकारी एक जनवरी से डीआईजी रैंक पर पहुंचेंगे। वहीं तीन अधिकारी साल के बीच में होंगे पदोन्नत एक जनवरी को 13 पदों पर पदस्थापना के बाद शेष 3 पद आगामी महीनों में रिक्त होंगे। जो अफसर एक जनवरी को पदोन्नत होंगे उसमें 2010 बैच के आईपीएस राकेश कुमार सगर, आरएस बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा, मनोज कुमार राय वर्ष 2011 बैच के रियाज इकबाल, राहुल कुमार लोढ़ा, सिमाला प्रसाद, असित यादव, वर्ष 2012 बैच के विवेक सिंह, कुमार प्रतीक, डॉ शिवदयाल. मयंक अवस्थी और शैलेंद्र सिंह चौहान शामिल हैं। इनके बाद आलोक कुमार सिंह, रघुवंश सिंह और विकास पाठक छह माह के बाद डीआईजी बन सकेंगे।


