आलीराजपुर में मुस्लिम समाज ने बिहार में महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने का विरोध किया है। दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा एक नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब खींचे जाने के मामले पर देश भर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में, शुक्रवार की नमाज के बाद आलीराजपुर में मुस्लिम समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। नारी सम्मान, संवैधानिक मर्यादा के खिलाफ बताया यह ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि नायब तहसीलदार भारत भवेलिया को दिया गया। ज्ञापन का वाचन तसद्दुक चंदेरी ने किया। समाजजनों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और इसे नारी सम्मान, संवैधानिक मर्यादा और सामाजिक मूल्यों के खिलाफ बताया। बिहार सीएम से सार्वजनिक माफी की मांग ज्ञापन में मुस्लिम समाज ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। समाजजनों ने कहा कि यह घटना न केवल महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि पूरे समाज के लिए निंदनीय है। उन्होंने जोर दिया कि इस घटना को हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे नारी के अपमान के रूप में देखा जाना चाहिए। लोग बोले-हर महिला की आस्था का सम्मान होना चाहिए भारत की संस्कृति में हर महिला की आस्था और परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे वह हिजाब हो या घूंघट, यह नारी की मान-मर्यादा का प्रतीक है। इस घटना से आहत होकर संबंधित महिला डॉक्टर कुछ समय के लिए बिहार छोड़कर चली गई थीं, हालांकि बाद में वह लौट आईं। समाजजनों ने कहा कि अगर वास्तव में किसी महिला का हिजाब खींचा गया है, तो यह बेहद निंदनीय कृत्य है । इस अवसर पर जामा मस्जिद सदर इम्तियाज खान, पूर्व सदर साबिर बाबा, नायब सदर वसीम कुरैशी, जहिर मुगल, शाहरुख मनीहार, मौलाना रमीज बाबा, इब्राहिम दबूक, इरफान मंसूरी, फरीद पठान, इकबाल मंसूरी, आरिफ पेंटर आदि मौजूद थे ।


