राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट जारी हो गया है। इस रिजल्ट में नागौर के शुभम भाटी की 11वीं रैंक लगी है। शुभम ने दूसरी बार में ये एग्जाम क्लियर किया है। पिछली बार वे महज 4 नंबर से रह गए थे। बेटे के जज बनने की खुशी घर में थी लेकिन रिजल्ट से 6 दिन पहले ही 12 दिसम्बर को शुभम की दादी का देहांत हो गया था। जब उनका रिजल्ट आया तो वे जयपुर में थे। माता-पिता ने वीडियो कॉल कर बेटे को शुभकामनाएं दीं। माता-पिता दोनों टीचर, बोले-परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि शुभम का परिवार नागौर के शारदापुरम में रहता है। शुभम की माता संगीता भाटी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,गोगेलाव में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। वहीं पिता पिता बालकिशन भाटी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बाराणी में सीनियर टीचर के पद पर है। शुभम की बड़ी बहिन ज्योत्सना भाटी राजस्थान विश्व विद्यालय में वनस्पति विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। अपनी बड़ी ज्योत्सना के मार्गदर्शन में रहकर शुभम ने यह उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में शुभम एल एल एम के पाठ्यक्रम में सेकेंड ईयर के स्टूडेंट है। शुभम ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों में ऑफ लाइन और ऑनलाइन माध्यम से आर जे एस की तैयारी की थी। उनकी प्रारंभिक शिक्षा विद्या भारती विद्यालय शारदा बाल निकेतन उच्च माध्यमिक में हुई है। इस उपलब्धि से भाटी परिवार में खुशी की लहर है। शोक का माहौल बदला खुशी में शुभम भाटी के परिवार में दादी रामकंवरी देवी का देहांत 12 दिसंबर को देहांत हो गया था, जिसकी वजह से परिवार में शोक का माहौल था। लेकिन, शुभम की सफलता ने सबके चेहरों पर गम में भी खुशी ला दी है। शुभम और सौरभ जुड़वां भाई हैं। दोनों हमेशा टॉपर रहे। शुभम की मां संगीता देवी ने घर पर पहली शिक्षिका के साथ साथ एक व्यावहारिक शिक्षिका की भी भूमिका निभाई। मां संगीता को पिछली बार के रिजल्ट में 4 अंकों से चूक जाने का मलाल जरूर है लेकिन इस बार की सफलता से खुश हैं। पिता ने बताया कि शुभम और सौरभ दोनों जुड़वा भाई है। शुभम के चाचा राजस्थान हहाईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता है। एक भाई महेंद्र प्रताप एडीजे है, वो उससे भी इन्स्पायर है। पिछले साल भी कुछ नंबर से रह गए थे।


