अनकंट्रोल बीपी से ‘लकवा’:डॉक्टर्स बोले- बीपी साइलेंट किलर, लापरवाही नहीं बरते; एसएमएस में रोजाना पहुंच रहे 15 से ज्यादा मरीज

एजिप्टाई मच्छर के काटने से फैलने वाले डेंगू रोग को रोकने के इंतजाम नाकाफी हैं। इस साल राजस्थान टॉप-10 राज्यों में शामिल हो गया। देश में प्रदेश नौंवे स्थान पर है। डेंगू के इस साल देश में अब तक 1 लाख 13 हजार 440 केस सामने आए, जिनमें से 94 मरीजों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 49 मौतें केरल में हुई। देश में पहले नंबर पर तमिलनाडु (20866), दूसरे पर महाराष्ट्र (13333) और तीसरे नंबर पर केरल (10239) है। चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों में प्रदेश में अब तक एक भी मौत दर्ज नहीं है। डेंगू; मरीज बढ़े, देश में राजस्थान का 9वां स्थान बीपी के मरीजों को ये सावधानी रखना जरूरी बदलती जीवन शैली, खानपान और ठंड के मौसम में खून गाढ़ा हो जाने के कारण अनकंट्रोल बीपी से लोगों को लकवा मार रहा है। यह साइलेंट किलर है, क्योंकि कई बार मरीजों में बीपी के लक्षण नहीं दिखते और जानलेवा साबित होती है। बीपी की अनदेखी करना, समय पर दवा नहीं लेना और बिना डॉक्टर की सलाह के इलाज लेने जैसी लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। एसएमएस अस्पताल के मेडिसिन विभाग में रो बीपी के कारण लकवा के 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार पैरालिसिस के लक्षण नजर आते ही तीन घंटे के भीतर डॉक्टर से इलाज लेना चाहिए। (भास्कर एक्सपर्ट पैनल: डॉ. पुनीत सक्सेना, डॉ. सुनील महावर एवं डॉ. प्रवीण मंगलूनिया)

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