सुविधाएं बढ़ाने में सीमित जगह बन रही थी चुनौती
सदर अस्पताल में लगातार सुविधा बढ़ाई जा रही हैं। पिछले चार सालों में एक दर्जन के करीब नए सुपरस्पेशलिटी विभाग शुरू कर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।इन प्रमुख विभागों में गैस्ट्रो, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी व अन्य शामिल हैं। सदर अस्पताल जल्द ही राज्य का पहला सरकारी अस्पताल बनने वाला है, जहां गैस्ट्रो सर्जरी विभाग संचालित होगा। आयुष्मान के तहत निजी डॉक्टर सदर में अपनी सेवा देंगे। विज्ञापन के बाद डॉक्टर चयन के लिए इंटरव्यू भी हो चुका है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद डॉक्टर का चयन भी कर लिया गया है। नए साल में गैस्ट्रो सर्जन डॉ. मयंक सदर अस्पताल में मरीजों को अपनी सेवा देंगे। निजी अस्पतालों में होने वाले महंगे जीआई सर्जरी भी सदर अस्पताल में करेंगे। बता दें कि गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग अब तक रिम्स में भी संचालित नहीं है। सदर अस्पताल मूल रूप से 500 बेड का था, लेकिन सुविधाओं के विस्तार के साथ जगह की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने बेड री-सफल कर 350 बेड की बढ़ोतरी की। अब सदर अस्पताल में कुल 850 बेड पर इलाज की सुविधा उपलब्ध है। बेड की संख्या बढ़ने से ओपीडी और इनडोर मरीजों को भर्ती में पहले जैसी परेशानी नहीं हो रही है। वहीं गंभीर मरीजों को भी समय पर बेड उपलब्ध हो पा रहे हैं। अगले माह से नेफ्रोलॉजी की ओपीडी भी सप्ताह में 6 दिन चलेगा, एक और डॉक्टर देंगे योगदान
नेफ्रोलॉजी में सेवा विस्तार, एक और डॉक्टर कर रहे ज्वाइन
सदर अस्पताल में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए नेफ्रोलॉजी विभाग का विस्तार किया जा रहा है। एक और नेफ्रोलॉजिस्ट की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अगले माह से दो विशेषज्ञ मिलकर सेवाएं देंगे। अभी सप्ताह में दो दिन संचालित होने वाली नेफ्रोलॉजी ओपीडी नए साल से सप्ताह में छह दिन चलेगी। इससे डायलिसिस के रोगियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। एक न्यूरोलॉजी व एक एमडी फिजिशियन भी देंगे सेवा
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश कुमार सिंह ने बताया कि गैस्ट्रो सर्जन और नेफ्रोलॉजिस्ट के अलावा अस्पताल में एक न्यूरोलॉजिस्ट और एक एमडी फिजिशियन भी अपनी सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दिन-प्रतिदिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना जरूरी हो गया है। इससे मरीजों को रिम्स या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अभी सबसे ज्यादा 80-85 बेड में संचालित है कैंसर विभाग
सदर अस्पताल का कैंसर विभाग भी तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्तमान में यह विभाग 80 से 85 बेड के साथ चल रहा है, जो अस्पताल का सबसे बड़ा विभाग बन चुका है। अधिकांश समय यहां बेड फुल रहते हैं और मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी के कारण राज्य के विभिन्न जिलों से कैंसर मरीज सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी अब भी 16 बेड की, एक्सटेंशन पर विचार
सदर अस्पताल की इमरजेंसी फिलहाल मात्र 16 बेड की है। कई बार गंभीर मरीजों को बेड न मिलने की समस्या सामने आती है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन इमरजेंसी वार्ड के विस्तार पर गंभीरता से विचार कर रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही इमरजेंसी में भी बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।


