जबलपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार देर रात रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सहायक लोको पायलट की वर्दी में घूम रहे एक युवक को संदिग्ध हालत में गिरफ्तार किया। आरोपी युवक आईटीआई का छात्र है, जो कई दिनों से रेलवे स्टेशन पर सहायक लोको पायलट की ड्रेस पहनकर बेरोकटोक घूम रहा था और ट्रेन संचालन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी इश्यू करवा रहा था। आरपीएफ के मुताबिक पकड़े गए युवक का नाम देव शर्मा (20 वर्ष) है, जो वीर सावरकर वार्ड जबलपुर का निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि उसे इंजन चलाना सीखने का शौक था, इसी वजह से उसने सहायक लोको पायलट बनकर स्टेशन आना शुरू किया। आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फाग डिवाइस, वॉकी-टॉकी और लाल-हरी झंडी बरामद आरपीएफ को आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से लोको पायलट को दिए जाने वाले फाग डिवाइस, ट्रेन संचालन में उपयोग होने वाला वॉकी-टॉकी, साथ ही लाल और हरी झंडी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी यह सभी उपकरण मुख्य स्टेशन स्थित लोको पायलट लॉबी से इश्यू करवाता था। शंटर पायलट को हुआ शक, ऐसे खुली पोल घटना शुक्रवार रात की है, जब देव शर्मा मुख्य रेलवे स्टेशन पर लोको पायलट लॉबी के पास खड़ा था। उसने नीली पेंट और आसमानी रंग की शर्ट पहन रखी थी और हाथ में फाग डिवाइस व वॉकी-टॉकी था। वह शंटिंग में लगे एक पायलट से बातचीत करने लगा। बातचीत के दौरान उसके हाव-भाव और तकनीकी जानकारी में कमी देखकर शंटर पायलट को शक हुआ। कुछ विभागीय सवाल पूछे जाने पर युवक घबरा गया और सही जवाब नहीं दे सका। इसके बाद लॉबी कर्मचारियों को सूचना दी गई, जिस पर आरपीएफ मौके पर पहुंची और युवक को पकड़ लिया गया। कई दिनों से कर रहा था फर्जीवाड़ा आरपीएफ पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कई दिनों से सहायक लोको पायलट की तरह ड्रेस पहनकर स्टेशन आता था। उसे लॉबी से उपकरण इश्यू कराने की जानकारी रेलवे के एक लोको प्वाइंटमैन से मिली थी। वह सुबह लॉबी पहुंचकर उपकरण लेता और शाम को वापस जमा कर घर चला जाता था। शुक्रवार को भी उसने दोपहर में उपकरण इश्यू कराए थे और रात को वापस जमा करने आया था, तभी उसकी सच्चाई सामने आ गई। लॉबी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल इस घटना के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था, खासकर लोको पायलट लॉबी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लॉबी में सहायक लोको पायलट को परिचालन उपकरण जारी करने का कार्य एक निजी कंपनी की दो महिला कर्मचारी संभाल रही थीं। आरोप है कि वे उपकरण जारी करते समय किसी भी कर्मचारी का पहचान पत्र नहीं देखती थीं और सिर्फ यूनिफॉर्म के आधार पर उपकरण दे देती थीं। आरोपी ने इसी सुरक्षा चूक का फायदा उठाया। आरपीएफ का बयान आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने सहायक लोको पायलट की वर्दी में एक संदिग्ध युवक को पकड़े जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में विस्तृत पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी कब से स्टेशन आ रहा था और क्या इस पूरे मामले में किसी अन्य की संलिप्तता है।


