कोंडागांव में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के लगभग 500 कर्मचारियों ने तीन महीने से वेतन न मिलने के विरोध में गुरुवार (19 दिसंबर) को काम बंद कर दिया। ये कर्मचारी अपने बच्चों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्या बताई। ये कर्मचारी जिले के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं। 3 महीने से वेतन न मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। घर चलाने, बच्चों की पढ़ाई, किराया चुकाने और कर्ज निपटाने जैसी समस्याओं ने उन्हें परेशान कर रखा है। वेतन न मिलने से बढ़ा मानसिक दबाव प्रदर्शन के दौरान एक महिला एनएचएम कर्मचारी ने अपनी परेशानी साझा की। उन्होंने बताया कि लगातार वेतन न मिलने से मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ गया है, जिससे उन्हें कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। कर्मचारियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और लंबित वेतन के जल्द भुगतान की मांग की। कलेक्टर ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन दिया। प्रशासनिक लापरवाही का आरोप आश्वासन के बावजूद कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के अन्य जिलों में एनएचएम कर्मियों को समय पर वेतन मिल रहा है, तो कोंडागांव जिले में ही भुगतान में बार-बार देरी क्यों हो रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही या गंभीर चूक बताया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो वे काम बंद कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे गर्भवती महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


