बालाघाट में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवती से कथित पुलिस आरक्षक की ओर से 22 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। युवती ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) से शिकायत की है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस आरक्षक बनकर की युवती से ठगी खैरलांजी के रामपायली क्षेत्र के नवेगांव वार्ड नंबर 19 निवासी शांतनु सुलाखे (पिता संतोष सुलाखे) ने कथित पुलिस आरक्षक सुरेंद्र कुमार दिवाकर पर यह आरोप लगाया है। युवती ने एसपी से अपनी ठगी गई रकम वापस दिलाने और आरोपी दिवाकर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शांतनु सुलाखे बी.ए की छात्रा है। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि उनकी एक सहपाठी ने उन्हें सुरेंद्र कुमार दिवाकर के बारे में बताया था, जो पैसे लेकर सरकारी नौकरी लगवाने का दावा करता था। इसके बाद शांतनु अपनी सहेली के साथ दिवाकर से मिलीं। नौकरी दिलाने का झांसा लेकर की ठगी दिवाकर ने उन्हें नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया और प्रक्रिया के लिए पैसे मांगे। शांतनु ने सितंबर में फोन-पे के माध्यम से 7 हजार रुपए दिए। इसके बाद 18 सितंबर को 10 हजार रुपए और 27 नवंबर को 5 हजार रुपए की राशि भी उनके फोन-पे पर ट्रांसफर की गई। इस प्रकार कुल 22 हजार रुपए दिए गए। पैसे लेने के बाद से आरोपी का फोन बंद युवती का आरोप है कि पैसे लेने के बाद दिवाकर और अधिक रकम की मांग करने लगा, जिस पर शांतनु ने मना कर दिया और अपने दिए हुए पैसे वापस मांगे। दिवाकर कुछ दिनों तक टालमटोल करता रहा और पिछले 15 दिनों से उसका फोन बंद आ रहा है। शांतनु ने 18 दिसंबर को थाना कोतवाली बालाघाट में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।


