खैरथल में इंडस टावर प्राइवेट लिमिटेड के टेक्नीशियनों ने अपनी कार्य परिस्थितियों, वेतन, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर प्रबंधन को 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। टेक्नीशियनों का कहना है कि वे 24 घंटे सातों दिन सेवाएं दे रहे हैं और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त वेतन, सुरक्षा और कन्वेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वेतन बढ़ाने, कन्वेंस भत्ता देने की मांग राजस्थान भर के टेक्नीशियनों ने न्यूनतम 35,000 रुपए मासिक वेतन की मांग की है। इसके अतिरिक्त, प्रति साइट 2,500 रुपए या 25 रुपए प्रति किलोमीटर कन्वेंस भत्ता, और प्रत्येक टेक्नीशियन के लिए न्यूनतम 50 लाख रुपए का बीमा अनिवार्य करने की मांग भी शामिल है। सालाना न्यूनतम में 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग अन्य मांगों में सोलर साइट की पीएम महीने में एक बार करने, निर्धारित ड्यूटी समय सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक रखने और सालाना न्यूनतम 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि शामिल है। टेक्नीशियनों ने रात 6 बजे से सुबह 8 बजे तक की नाइट मूवमेंट को अतिरिक्त कार्य मानते हुए डबल सैलरी और फोर व्हीलर वाहन का अलग से भुगतान करने की मांग की है। मांग पत्र में कहा गया है कि नॉन-डीजी साइट पर रेंटल डीजी या व्हीकल डीजी लगाए जाने की स्थिति में उसके संचालन, डीजल और डीजी बैटरी की पूरी जिम्मेदारी वाहन चालक की हो। ट्रांसफॉर्मर और विद्युत विभाग से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी टेक्नीशियन पर न डालने की बात कही गई है। ग्राउंड सफाई के लिए सालाना 3,000 रुपए अलग से देने की भी मांग है। उपकरण खराब होने पर सैलरी में कटौती न करने की मांग टेक्नीशियनों ने आरआरयू चोरी की घटनाओं के लिए उन्हें साइट पर जाने के लिए बाध्य न करने की मांग की है। साथ ही, डीजी, एसएमपीएस, बैटरी बैंक, डीजी बैटरी सहित किसी भी उपकरण के खराब होने पर टेक्नीशियन की सैलरी से कटौती न की जाए। उनका तर्क है कि कंपनी की गारंटी समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की आर्थिक जिम्मेदारी उन पर डालना अनुचित है। मांग पत्र में यह भी कहा गया है कि सैलरी हर माह की 5 तारीख तक खाते में जमा की जाए।


