राजगढ़ जिले के खुजनेर क्षेत्र में किसानों के साथ हो रही यूरिया की खुली लूट आखिरकार प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंच गई। किसानों की शिकायत पर कृषि विभाग की टीम ने शनिवार को पवन कृषि सेवा केंद्र पर छापा मारकर जांच की, जिसमें तय मूल्य से अधिक दाम पर यूरिया बेचने और जबरन अन्य उर्वरक टैग करने का गंभीर मामला सामने आया। जांच में सामने आया कि यूरिया का सरकारी मूल्य 266.50 रुपए प्रति बोरी होने के बावजूद किसानों से मनमानी दर वसूली जा रही थी। किसानों ने आरोप लगाया कि विक्रेता न तो सामग्री की रसीद दे रहा था और न ही पॉश मशीन में बिक्री की एंट्री कर रहा था। शिकायतकर्ता किसान धर्मेंद्र यादव निवासी खुजनेर ने बताया कि उन्हें यूरिया की दो बोरियां एक हजार रुपए में दी गईं, जो साफ तौर पर नियमों का उल्लंघन है। मौके पर पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों के बयान दर्ज कर पंचनामा तैयार किया और शेष उर्वरक भंडारण को सील कर दिया। पूरा मामला कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के संज्ञान में लाया गया, जिन्होंने इसे किसानों के साथ धोखाधड़ी मानते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश के बाद संबंधित उर्वरक विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।


