भास्कर न्यूज | अमृतसर जिला अमृतसर में बच्चों से भीख मंगवाने और उनके शोषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पंजाब सरकार प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 के तहत जिला प्रोग्राम अधिकारी अमृतसर की अगुवाई में डिस्ट्रिक चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट (डीसीपीयू) द्वारा श्री हरमंदर साहिब और उसके आस-पास के क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भीख मांगने की कुप्रथा से बचाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना रहा। अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 पंजाब सरकार की एक जनहितैषी पहल है, जिसकी अगुवाई कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर कर रही हैं। इस परियोजना का लक्ष्य बच्चों को भीख मांगने, शोषण और उपेक्षा से मुक्त कर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा उनके भविष्य को बेहतर बनाना है। विशेष चेकिंग अभियान के दौरान श्री हरमंदर साहिब के आस-पास के इलाकों में 3 बच्चों को भीख मांगते हुए पाया गया। बाल सुरक्षा इकाई की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया। इसके बाद बच्चों की काउंसलिंग की गई और उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए उचित देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए उन्हें संबंधित विभागों और सामाजिक कल्याण योजनाओं से जोड़ा गया, ताकि उनकी शिक्षा, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि बच्चों के सभी कानूनी अधिकारों का पूरी तरह पालन हो। डीसीपीयू टीम ने बताया कि प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 के तहत इस तरह की चेकिंग और जागरूकता मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेंगी, ताकि जिले को पूरी तरह बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाया जा सके। जिला प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। जिला बाल सुरक्षा अधिकारी तरनजीत सिंह ने बताया कि अमृतसर जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के उद्देश्य से 3 दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी कोई बच्चा भीख मांगता हुआ या किसी भी तरह के शोषण का शिकार दिखे, तो तुरंत सूचना दें। उन्होंने कहा कि लोग 1098, 9876357202, 9501291402 पर संपर्क कर सकते है।


