भास्कर संवाददाता| लखनवास/राजगढ़ भोपाल के रातीबढ़ स्थित नवोदय विद्यालय परिसर से 12 दिसंबर की रात गायब हुए दोनों छात्रों को आखिरकार पुलिस ने शुक्रवार शाम उज्जैन बस स्टैंड के पास सुरक्षित तलाश कर लिया। शनिवार को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रातीबढ़ पुलिस ने बालकों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। करीब सात–आठ दिनों तक चले इस मामले ने स्कूल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े किए। दरअसल 12 दिसंबर की रात नवोदय विद्यालय से धीरज पुत्र करण सिंह गुर्जर, निवासी ग्राम जाटियाखेड़ी (सुठालिया के समीप) और उसका साथी व रिश्तेदार अंकित गुर्जर, निवासी जोरिया, तहसील बैरसिया, अचानक लापता हो गए थे। घटना के बाद से परिजन, विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय पुलिस लगातार दोनों छात्रों की तलाश में जुटे थे, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था। इस बीच परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए भोपाल में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की थी। डर के कारण छोड़ा विद्यालय, पहुंचे उज्जैन: रातीबढ़ थाना पुलिस के प्रधान आरक्षक मुकेश भारती और धीरज के पिता करण सिंह ने बताया कि विद्यालय में किसी शरारत के बाद स्टाफ द्वारा परिजनों को सूचना देने की बात कही गई थी। इसी डर से दोनों छात्र बिना किसी को बताए देर रात विद्यालय परिसर छोड़कर निकल गए। दोनों छात्र पहले भोपाल से पैदल निकलकर सीहोर तक पहुंचे, फिर वहां से उज्जैन चले गए। 13 दिसंबर को उज्जैन पहुंचने के बाद वे महाकाल मंदिर क्षेत्र के आसपास ही रुके। जेब में मौजूद सीमित पैसों से भोजन की व्यवस्था की और खुले में या दुकानों के पास रातें गुजारी।


