रजिस्ट्री की गाइडलाइन में बड़े बदलाव का असर:एजेंटों का दबदबा खत्म; कारोबार बढ़ रहा और लोन भी ज्यादा मिल रहा

कलेक्टर गाइडलाइन में किए गए बदलाव का असर अब राज्य के सभी जिलों में दिखने लगा है। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल जितनी रजिस्ट्री हो रही थी, उससे इस साल दोगुना हो रही है। रियल एस्टेट के एजेंटों का दबदबा और फर्जीवाड़ा खत्म होने से आम लोगों को बड़ा फायदा हो रहा है। लोगों को बैंक लोन भी ज्यादा मिल रहा है। यही वजह है रियल एस्टेट का कारोबार भी बढ़ रहा है। जमीन की बढ़ी हुई कीमतों का लोगों को कई तरह से फायदा हो रहा है। नई गाइडलाइन जारी होने के बाद लोगों के बीच यह खबर फैलाई जा रही थी कि आम लोगों के लिए मकान बनाना या खरीदना कठिन हो गया है। लेकिन आंकड़ों से ये पता चला रहा है कि लोग अब बढ़ी हुई कीमत में भी ज्यादा रजिस्ट्री करा रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि नई गाइडलाइन दरें लागू होने के बाद लोग बड़ी संख्या में गाइडलाइन दरों से ज्यादा कीमत में संपत्तियों का पंजीयन करा रहे हैं। इससे यह पता चलता है कि गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी होने से न तो पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हुई है और न ही आम लोगों के जीवन पर इसका कोई नकारात्मक असर पड़ा है। 1528 रजिस्ट्री,
1073 गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर हुई। दुर्ग 359 रजिस्ट्री, 306 गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर हुई। बिलासपुर 444 रजिस्ट्री, 125 गाइडलाइन से ज्यादा कीमत पर कराई गई। समझें… ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री कैसे बढ़ी
छत्तीसगढ़ के तीन बड़े शहर रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में सबसे ज्यादा बढ़ी हुई कीमत में रजिस्ट्री हो रही है। नई गाइडलाइन जारी होने के बाद रायपुर में कुल 1528 रजिस्ट्री हुई। इसमें लगभग 70% विक्रय पत्र ऐसे हैं जिनका आपसी सौदा मूल्य गाइडलाइन मूल्य से ज्यादा है। ऐसे कुल 1073 दस्तावेजों में 498 का पंजीयन नई दरों से 25 प्रतिशत से ज्यादा मूल्य पर, 184 दस्तावेजों का 25 से 50 प्रतिशत तक, 119 दस्तावेजों का 50 से 75 प्रतिशत तक, 78 दस्तावेजों का 75 से 100 प्रतिशत तक और चौंकाने वाली बात यह है कि 194 पंजीयन नवीन गाइडलाइन दरों से दोगुना कीमत पर कराई गई। यानी लगभग 15% रजिस्ट्री गाइडलाइन से दोगुने कीमत पर हुई।

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