मऊगंज स्थित कांग्रेस कार्यालय में रविवार शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से ‘गांधी’ नाम हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने इस कदम को गांधी विचारधारा और गरीबों के अधिकारों पर हमला बताया। कांग्रेस ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा-यह गांधी के विचारों का अपमान विरोध कार्यक्रम में मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विश्वनाथ मिश्र ने किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बन्ना ने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए एक आदर्श व्यक्तित्व हैं। उन्होंने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी गांधी जी को वैश्विक प्रेरणा मानते थे। बन्ना ने मनरेगा से गांधी का नाम हटाने को देश की आजादी और उसके मूल विचारों का अपमान बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार गरीबों के हक और रोजगार छीनने की दिशा में काम कर रही है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। सरकार पर गरीबों के अधिकारों पर कुठाराघात करने का आरोप जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल कोल ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने हमेशा गरीब, आदिवासी और वंचित वर्ग को साथ लेकर चलने की वकालत की थी। मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में मनरेगा ने इन्हीं वर्गों को रोजगार प्रदान किया था। कोल ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार इस योजना को कमजोर कर गरीबों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा और गरीबों के अधिकारों से छेड़छाड़ जारी रही, तो कांग्रेस इस आंदोलन को और व्यापक रूप देगी। इस विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें पद्मेश गौतम, गोविंद नारायण तिवारी, सुनीता पटेल, हिंछ लाल पटेल, बृजेंद्र शुक्ला, नृर्पेंद्र सिंह, जुल्फी लाल साकेत, शिवलाल साकेत, उमाकांत पटेल और शेख मुख्तार सिद्दीकी सहित कई नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।


