काला पानी सजा:चारदीवारी में 3 दिन से धुलाई हट नहीं रहा काला पाउडर

शहर की चारदीवारी में घुसा कंटेनर निकल तो गया, लेकिन इससे गिरे पाउडर की कालिख 3 दिन बाद भी नहीं हट रही। शनिवार को भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने जगदीश चौक से गड़िया देवरा मार्ग को घंटों धोया। क्षेत्रवासी भी घरों-दुकानों के बाहर धुलाई करते रहे, लेकिन कालिख नहीं मिट पा रही है। यह कंटेनर 8 जनवरी की रात को करीब एक बजे तंग गलियों में होते हुए जगदीश चौक तक पहुंचा, फिर गड़िया देवरा मार्ग पर जाकर फंस गया। कई मकानों-दुकानों के छज्जे व चबूतरे भी तोड़ दिए। बाद में चालक फरार हो गए। ट्रक में रखा काला पाउडर जगदीश चौक से गड़िया देवरा तक बिखर गया था। यह कैरम बोर्ड पर लगाए जाने वाले पाउडर की तरह चिकना है, जो फिसलन कर रहा है। साथ ही हटाने पर ज्यादा चिपकता है। तीसरे दिन फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने दो-दो चक्कर लगाए। जेट गन से जगदीश चौक से गड़िया देवरा तक सड़क को धोया। लोगों का कहना है कि पाउडर सड़क पर चिपक गया है। पानी सूखने पर यह उड़ने लगता है। इससे घर-दुकानों के अलावा गलियों में भटकते जानवरों पर भी कालिख लग गई है। सफाई के दौरान हाथ काले हो जाते हैं, जो कई बार धोने के बाद भी साफ नहीं होते। इससे आखों में जलन की समस्या भी हो रही है। गणगौर घाट पर चढ़ी कालिख
3 दिन से जारी धुलाई का काला पानी सीधे गणगौर घाट होकर पिछोला में समा रहा है। झील प्रेमी तेज शंकर पालीवाल का कहना है कि हजारों लीटर काला पानी झील में जा चुका है। गणगौर घाट भी काला हो गया है। इस इलाके में सड़क किनारे नालियां नहीं होने तथा ढलान से पानी झील में ही जाता है। चालक पकड़ा, पाबंद कर छोड़ा
घंटाघर थानाधिकारी योगेंद्र व्यास ने बताया कि उत्तर प्रदेश निवासी चालक राशिद खान को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। उसे एडीएम सिटी के समक्ष पेश कर पाबंद कराया और रिहा कर दिया। वह बुधवार रात को हरियाणा से गुजरात जा रहा था। मोबाइल स्विच ऑफ होने से मैप नहीं देख पाया और रास्ता भटका। पर्यटन पर असर… दुकानों-होटलों में घट गए टूरिस्ट
चारदीवारी इलाका पर्यटन का मुख्य केंद्र है। जगदीश चौक से गड़िया देवरा मार्ग के बीच जगदीश मंदिर, सिटी पैलेस, गणगौर घाट और बागोर की हवेली जैसे पर्यटन स्थल हैं। यहां रोज करीब 3 हजार देशी-विदेशी घूमने आते हैं। अब उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कालिख से शहर की छवि भी खराब हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि पहले की तुलना में पर्यटक घट गए हैं। आसपास में बने होटल-रेस्टोरेंट पर भी असर पड़ा है। सूरत बिगड़ने के कारण टूरिस्ट फिलहाल इनमें रुकना पसंद नहीं कर रहे हैं।

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