जानलेवा डोर की डोर स्टेप डिलीवरी

भास्कर एक्सपर्ट हर साल जान लेने वाली और सैकड़ों को घायल करने वाली खूनी चाइना डोर ने डराना शुरू कर दिया। यह शहर में धड़ल्ले से बिक रही है। हैरानी की बात यह है कि यह अवैध कारोबार डिवीजन नंबर 4 से महज 100 कदम की दूरी पर खुलेआम चल रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन को कुछ दिखाई नहीं दे रहा। दैनिक भास्कर टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जाकर हकीकत जानने की कोशिश की, जिसमें सामने आया कि हर इलाके में चाइना डोर उपलब्ध है। बस तरीका बदल गया है। दुकानदार अनजान लोगों को सीधे डोर नहीं देते, बल्कि जान-पहचान वालों को गुपचुप सप्लाई की जाती है। धुरी लाइन रोड पर कॉपी-किताबों की दुकानों से लेकर चंद्र नगर तक, यहां तक कि एक रेस्टोरेंट संचालक भी अपने लड़कों के जरिए एक्टिवा पर चाइना डोर की सप्लाई कर रहा है। यानी पतंग दुकानों तक सीमित नहीं, बल्कि यह नेटवर्क पूरे शहर में फैला हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब यह सब कुछ इतने खुलेआम हो रहा है, तो पुलिस प्रशासन क्यों आंखें मूंदे बैठा है। क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी। कितनी और जानें जाएंगी, कितने पक्षी और राहगीर घायल होंगे, तब जाकर सिस्टम जागेगा दैनिक भास्कर की यह लाइव रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि खूनी चाइना डोर पर प्रतिबंध सिर्फ कागजों में है, ज़मीन पर नहीं। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह डोर फिर किसी घर का चिराग बुझा सकती है। केस 1… ज्यादा पैसे ऑफर किया तो 10 मिनट में डिलीवरी टीम जब दरेसी ग्राउंड पहुंची और एक पतंग दुकानदार से चाइना डोर का गट्टू मांगा, तो उसने कहा, “हम चाइना डोर नहीं बेचते।” लेकिन ज्यादा पैसे ऑफर करते ही बगल की दुकान का नाम सुझा दिया। पूछताछ के बाद वह मान गया। उसने कहा कि, “50 हजार का जुर्माना है, ध्यान रखना। तुम दुकान का पता और 1000 रुपए दे दो, लड़के को भेज देता हूं। 10 मिनट बाद एक एक्टिवा पर युवक पहुंचा, जिसकी डिक्की में चाइना डोर के गट्टू भरे थे। उसने बताया कि वह और भी दुकानों पर सप्लाई देने जा रहा है। केस 2… काले लिफाफे में डोर दे गया, कहा- यहां मत खोलना यही हाल जवाहर नगर में देखने को मिला। वहां लगभग सभी दुकानदारों ने एक ही दुकान का नाम लिया। उस दुकानदार ने सीधे देने से इनकार कर दिया, लेकिन पास की दुकान से संकेत मिला-“एक घंटे बाद आना।” एक घंटे बाद बताया गया कि लड़का चौक पर एक्टिवा से सामान पकड़ा देगा। थोड़ी देर में युवक आया, काले लिफाफे में डोर दी और चेतावनी दी-“यहां मत खोलना।” 6 माह से 3 साल तक की जेल, 1 लाख रु. तक जुर्माना संभव चाइना डोर बेचना पूरी तरह गैरकानूनी है। खरीदना और दूसरों को देना भी अपराध है। कोई हादसा होता है, तो उस पर बीएनएस की धारा 109 लगाई जा सकती है। चाइना डोर में नायलॉन, कांच और खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल होता है। यह डोर बहुत तेज और धारदार होती है। ऐसे मामलों में इनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट और स्थानीय प्रशासन के आदेशों के तहत भी कार्रवाई होती है। दोषी को 6 महीने से 3 साल तक की जेल, 10 हजार से 1 लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। अगर चाइना डोर से गंभीर हादसा या मौत हो जाती है, तो सजा और भी कड़ी हो सकती है और केस में गंभीर धाराएं बढ़ाई जाती हैं। हादसों से सबक नहीं {लुधियाना,दिसंबर 2025 18 साल का युवक पतंग की डोर से हाथ कटने पर सिविल अस्पताल पहुंचा। पतंग की डोर से कट लग गया और काफी खून बहने लगा। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार यदि इलाज में देरी होती तो संक्रमण या हाथ को गंभीर नुकसान हो सकता था। {जगराओं, 20 जनवरी 2025, 16 साल के बच्चे के गले में फंसी डोर, इलेक्ट्रिक खम्बे से लगा शॉक। {जगराओं, 11 जनवरी 2025, 14 वर्षीय बच्चे की चाइनीज डोर से करंट लगने से मौत हो गई। {लुधियाना, 6 जनवरी 2025 – 21 वर्षीय युवक की हाईवे पर गले में फंसी डोर, 17 टाके लगे। जान बची। {खन्ना, 2 दिसंबर 2024 – रेलवे के अंडर ब्रिज क्रॉस करते समय गले में फसी डोर, 14 टांके लगे। {खन्ना, 30 नवंबर 2024, समाधि रोड पर ब्रिज क्रॉस करते समय जोरावर घायल, 12 टांके लगे। दावा- पुलिस तेज करेगी चेकिंग हकीकत- बिक्री खुलेआम {पुलिस इस बार चाइना डोर बेचने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। खुलेआम हो रही बिक्री ? -पुलिस खुद नहीं चाहती कि कोई भी चाइना डोर बाजारों में पहुंचे। हर साल जान जाती है। गंभीर चोटें लगती हैं। पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। {पुलिस सजग है तो ये डोर आ कहां से रही है ? -दरेसी और डिविजन-3 जैसे संवेदनशील इलाकों में गुप्त सूचना के आधार पर रेड की गई। कई लोगों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में चाइना डोर बरामद की गई है। {अब भी सभी बाजारों में चाइना डोर बिक रही है ? -पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन कुछ लोग चोरी-छिपे बिक्री की कोशिश करते हैं। बाजारों में चेकिंग और तेज की जाएगी। {क्या सिर्फ दुकानों पर ही कार्रवाई होगी ? -नहीं। गोदामों और पूरी सप्लाई चेन पर भी नजर रखी जा रही है। वहां भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। {ऑनलाइन बिक्री को कैसे रोकेंगे? -बाजारों में आने-जाने वाले वाहनों को रोककर चेक किया जाएगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखी जा रही है। {आगे पुलिस की क्या योजना है ? -बाजारों, छतों और पतंग उड़ाने वाले हॉट स्पॉट्स पर अचानक चेकिंग की जाएगी। अगर कहीं चाइना डोर बिकती या इस्तेमाल होती दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। दुकानदार बोला-ध्यान रखना 50 हजार जुर्माना है आप अपने बच्चों की खुशियों से समझौता न करें। पतंग उड़ाएं, पर ध्यान रहे डोर कच्ची हो, चाइनीज नहीं। पतंग ही तो कटेगी, किसी की गर्दन तो नहीं। बेजुबान के पंख तो नहीं। चाइनीज डोर खतरनाक है और इसका इस्तेमाल अपराध। पुलिस इसकी बिक्री रोक नहीं पा रही है। इसलिए परिजन सतर्कता जरूर बरतें। हरजोत बैंस, एडवोकेट जसकरण जीत सिंह, डीसीपी सीधी बात परिजनों से अपील भास्कर स्टिंग

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