लुधियाना | शनिवार तड़के करीब छह बजे टिब्बा रोड निवासी आदित्य गुप्ता मोटरसाइकिल पर फैक्ट्री जा रहे थे। जैसे ही वह समराला चौक से होते हुए कैंसर अस्पताल पुल पर पहुंचे, धुंध में छिपे तीन बदमाश सामने आए। आरोपियों ने आदित्य पर तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए। हमले के दौरान एक आरोपी के साथी को भी चोट लग गई, जिससे बदमाश और भड़क गए। इसके बाद उन्होंने आदित्य को गंभीर रूप से घायल कर मोबाइल फोन, पावर बैंक और करीब दो हजार रुपए की नकदी लूट ली। दूसरी वारदात में बदमाशों ने न्यू शिवाजी नगर निवासी दिव्यांश को निशाना बनाया। वह सुबह साढ़े छह बजे मोटरसाइकिल से शिव चौक से पुल की ओर जा रहा था। बदमाशों ने उसकी टांग पर तेजधार हथियार से वार कर मोबाइल फोन लूट लिया। थाना मोती नगर पुलिस के अनुसार आदित्य की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है, जबकि दूसरे में जांच जारी है। दावा- पुलिस पेट्रोलिंग को बढ़ाया है: डिप्टी कमिश्नर (रूरल) जसकिरनजोत सिंह तेजा ने बताया कि पुलिस पेट्रोलिंग को बढ़ाया गया है। एडिशनल एसएचओ और एसएचओ को रात में चेकिंग और गश्त के निर्देश दिए गए हैं।धुंध के कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है, लेकिन आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस हर जरूरी कदम उठा रही है। 1 से 20 नवंबर तक शहर में 6 लूट के मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें मोबाइल स्नैचिंग से लेकर महिलाओं के गहने लूटने तक की वारदात शामिल थीं। वहीं दिसंबर में अब तक लूट के 12 मामले सामने आ चुके हैं। यह साफ कि धुंध बढ़ते ही अपराधियों का हौसला भी बढ़ा है। घटनाएं दो गुनी हुई हैं। खतरा इतना ही नहीं है। अब लुटेरे ज्यादा हिंसक भी हो गए हैं। हमले तेज कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि फोकल पॉइंट, जमालपुर, सलेम टाबरी और थाना डिवीजन नंबर 6 जैसे इलाकों में अपराधी ज्यादा सक्रिय हैं। अधिकतर वारदातें रात 8 बजे से लेकर देर रात 1:30 बजे के बीच हुई हैं, जब धुंध के कारण विजिबिलिटी कम और सड़कें अपेक्षाकृत सुनसान रहती हैं। जमालपुर इलाके में काम करने वाले एक निजी कर्मचारी का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए रोज बाहर निकलना मजबूरी है, लेकिन अब डर लगता है। उनका कहना है कि चौराहों से पुलिस नदारद रहती है। अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है। लूट की 2 वारदात: कैंसर अस्पताल पुल पर हथियारों से हमला पुलिस कॉलोनी जमालपुर चौक चौराहों से पुलिस गायब समराला चौक वर्धमान चौक ताजपुर चौक अपराधियों ने धुंध को ढाल बना लिया है, क्योंकि पुलिस की सक्रियता भी कम हुई है। चेकिंग और गश्त के लिए तैनात पुलिसकर्मी कई प्रमुख चौकों से नदारद दिखे।


