रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वन विभाग की ओर से एक नई पहल शुरू की गई है। यहां वन विभाग की ओर से बाघ रक्षक कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी स्कूल की छात्र-छात्राओं को निशुल्क रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी कराई जा रही है। इसी कड़ी में आज योजना की शुरुआत करते हुए रणथंभौर के CCF (मुख्य वन संरक्षक) अनूप के आर ने स्कूली बच्चों के कैंटर को हरी झंडी दिखाकर टाइगर सफारी के लिए रवाना किया। क्या है बाघ रक्षक कार्यक्रम इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सीसीएफ अनूप के आर ने बताया कि उनसे पहले रणथम्भौर के सीसीएफ रहे पी कथिरवेल की ओर से उनके कार्यकाल में बाघ रक्षक कार्यक्रम शुरू किया था। उनके तबादले के बाद यह कार्यक्रम बंद हो गया था। जिसे अब फिर से किया गया। बाघ रक्षक कार्यक्रम का उद्देश्य टाइगर रिजर्व की पेरीफेरी में रहने वाले लोगों को बाघ संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है। जिसके तहत स्टूडेंट्स, टीचर्स, EDC सदस्य को रणथम्भौर के वन और वन्य जीवों की जानकारी प्रदान करना है। जिसके तहत स्कूली बच्चों को जागरूक करने के लिए टाइगर सफारी कराई जा रही है। हफ्ते में 4 दिन 160 स्कूली बच्चों को कराएंगे सफारी अब यहां नियमित सप्ताह में चार दिन 40 स्कूली बच्चों को सफारी के लिए भेजा जाएगा। सफारी के दौरान जानकारी देने के लिए रणथम्भौर के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्कूली बच्चों के साथ सफारी पर भेजा जाएगा। इस दौरान वन विभाग की ओर से स्कूली बच्चों को जूट के बैग बांटकर प्लास्टिक मुक्त सवाई माधोपुर का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के पर्यटन डीएफओ प्रमोद धाकड़, डीएफओ विकास लाखन सिंह, रेंजर अश्वनी प्रताप सिंह, कैलाश शर्मा सहित वनकर्मी मौजूद रहे।


