भोपाल के MCU में परीक्षा से रोके गए छात्र भड़के:​​​​​​​कुलगुरु के सामने NSUI अध्यक्ष बोले- HOD की सनक और तानाशाही से बच्चे परेशान, वीडियो वायरल

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (MCU) में सोमवार को छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। मास कम्युनिकेशन विभाग में शॉर्ट-अटेंडेंस के आधार पर छात्रों को सेमेस्टर परीक्षा में बैठने से रोके जाने के फैसले से स्टूडेंट नाराज थे। बात सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि छात्रों ने इसे मानसिक उत्पीड़न और मनमाने रवैये से जोड़ दिया। कुछ ही देर में NSUI भी मैदान में उतर आई। स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी को खुद छात्रों के बीच आकर बात करनी पड़ी। इसी दौरान NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे कुलगुरु के सामने खुले तौर पर कह रहे हैं कि छात्र HOD की सनक का शिकार हो रहे हैं। शॉर्ट-अटेंडेंस बना विवाद की जड़ विवाद की शुरुआत मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट से हुई, जहां शॉर्ट-अटेंडेंस का हवाला देते हुए कुछ छात्रों को सेमेस्टर परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया। छात्रों का कहना है कि अटेंडेंस से जुड़ी स्थिति पहले स्पष्ट नहीं की गई और अचानक परीक्षा से बाहर कर देना न सिर्फ शैक्षणिक बल्कि मानसिक रूप से भी तोड़ने वाला फैसला है। छात्रों के मुताबिक, उन्होंने समय रहते विभाग स्तर पर अपनी समस्या रखने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी दौरान NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल MCU पहुंचा और छात्रों के समर्थन में खड़ा हुआ। संगठन ने इसे छात्र अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बताया। कुछ समय के लिए परिसर में नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन भी हुआ, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। HOD पर सीधे आरोप
हंगामे के बीच कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी छात्रों से बातचीत करने पहुंचे। इसी बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे कुलगुरु के सामने साफ कहते नजर आ रहे हैं कि यह बच्चे आपके HOD की सनक की वजह से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष का रवैया तानाशाही जैसा है और छात्रों की बात सुने बिना फैसले थोपे जा रहे हैं। छात्रा की शिकायत: मेरी अदालत में सुनवाई नहीं
वायरल वीडियो में एक छात्रा भी अपनी पीड़ा रखती दिखाई दे रही है। वह कुलगुरु से शिकायत करते हुए कहती है कि जब छात्र HOD के पास जाते हैं, तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि मेरी अदालत में आपकी कोई सुनवाई नहीं होगी। स्टूडेंट के इस बयान पर कुलगुरु ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बिल्कुल गलत है। कुलगुरु ने सुनी सभी पक्षों की बात
स्थिति बिगड़ते देख कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने स्वयं छात्रों और NSUI प्रतिनिधिमंडल से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि किसी के साथ पक्षपात नहीं होगा और पूरे मामले को निष्पक्षता से देखा जाएगा। कुलगुरु ने यह भी कहा कि यदि किसी शिक्षक द्वारा मानसिक दबाव या दुर्व्यवहार की शिकायत सही पाई जाती है, तो उस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुलाकात के दौरान NSUI ने विश्वविद्यालय कैंटीन के पानी की लैब जांच रिपोर्ट भी कुलगुरु को सौंपी। रिपोर्ट में पानी के प्रदूषित होने की पुष्टि होने का दावा किया गया है। संगठन ने इसे छात्रों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की। समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन
NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि MCU में छात्रों का गुस्सा इस बात का संकेत है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने मांग की कि ऐसे शिक्षक, जो भय और मानसिक दबाव का माहौल बनाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, NSUI प्रदेश सचिव अमन पठान ने कहा कि परीक्षा से वंचित करना, दूषित पानी और मानसिक उत्पीड़न जैसे मुद्दे मामूली नहीं हैं। संगठन ने साफ किया है कि अगर छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आगे की रणनीति तय कर आंदोलन तेज किया जाएगा।

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