बाड़मेर जिले के शिव उपखंड के स्टेडियम में रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल का शुभारंभ कलाकारों ने राष्ट्रगान के साथ किया। साथ ही भारत माता के जयकारें भी लगाए गए। पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग लोक कलाकारों की ओर से प्रस्तुतियां दी जा रही है। इसमें जैसलमेर के ख्याला मठ के मठाधीश गोरखनाथ भी पहुंचे। साधु संतों ने प्रोग्राम में शामिल हुए। प्रोग्राम में जिले सहित आसपास के बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ा। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान की कला और संस्कृति का बढ़ावा देने के लिए इस प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। दरअसल, रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल प्रोग्राम बॉर्डर के गांव रोहिड़ी में होने वाला था। लेकिन जिला कलेक्टर टीना डाबी ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए एसडीएम की ओर से दी गई परमिशन हो रद्द कर दिया। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रोग्राम स्थल को बदलते हुए शिव उपखंड पर प्रोग्राम की परमिशन मांगी गई। उसकी परमिशनल शिव एसडीएम ने 10 पॉइट के साथ दी गई। इसमें बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा सहित आसपास के कलाकार पहुंचे। रविवार को कलाकारों के लिए लाइटिंग वाला मंच तैयार करवाया गया। दोपहर से कलाकारों के पहुंचने का सिलसिला जारी हो गया। वहीं प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बुजुर्ग, युवा और बच्चे भी इस कड़कड़ाती ठंड में पहुंचे। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि रोहिड़ी में प्रोग्राम इसलिए करवा रहे थे कि इसकी गूंज पाकिस्तान तक जाए। इसलिए बॉर्डर पर उन धोरों को पहचान दिलाने के लिए वहां पर प्रोग्राम करवा रहे थे। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि यहां पर प्रोग्राम हो रहा है कि इसकी गूंज भी देश विदेशों तक जाएगी।


