मोबाइल से दूर रहकर प्राकृतिक वातावरण में खेलें बच्चे ताकि शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास सही से हो सके: जैन

भास्कर संवाददाता | सागर दैनिक भास्कर का कार्यक्रम सागर राहगीरी लगातार 157वें रविवार को अटल पार्क में हुआ। इस दौरान हुए खेल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आयोजन में बड़ी संख्या में बच्चों और नागरिकों ने भाग लिया। मटकी फोड़, चित्रकला, पिट्ठू, रिंग फेंको, जलेबी रेस, बोतल थ्रो, बास्केटबॉल, कुर्सी दौड़ और नींबू रेस सहित कुल 10 प्रतियोगिताएं हुईं। विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। गायन प्रस्तुतियों में संस्कार सेन, हरिशंकर यादव और आलोक गोस्वामी ने प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने सराहा। सतत आयोजन के लिए राहगीरी सोशल ग्र्रुप के संरक्षक बंटी जैन का सीनियर सिटीजन मॉर्निंग वॉक ग्रुप द्वारा शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। उन्होंने कहा बच्चों को मोबाइल से दूर रहकर प्राकृतिक वातावरण में खेलना चाहिए, जिससे उनका शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास हो सके। समाजसेवी मनीष मलैया द्वारा बच्चों के लिए स्टेशनरी की व्यवस्था की गई। राहुल नामदेव द्वारा बच्चों के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई। पुरस्कार वितरण में लक्ष्मी जैन और निशा देवलिया का सहयोग रहा। विश्व ध्यान दिवस पर राहगीरी कार्यक्रम में विशेष इंटीग्रेटेड योग शिविर पतंजलि योग समिति द्वारा लगाया गया। समिति के पूर्व राज्य प्रभारी भगत सिंह योगाचार्य ने ध्यान अभ्यास कराते हुए इसके आध्यात्मिक, मानसिक एवं शारीरिक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा भारत की प्राचीनतम योग एवं ध्यान परंपरा को आज संपूर्ण विश्व ने स्वीकार किया है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 21 दिसंबर को विश्व ध्यान दिवस घोषित किया जाना भारतीय योग दर्शन की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण है। उन्होंने कहा ध्यान व्यक्ति को सुख, शांति, सामाजिक समरसता एवं आनंदपूर्ण जीवन की ओर ले जाता है। ध्यान से मन की चंचलता शांत होती है, तनाव, चिंता और अवसाद में कमी आती है तथा व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करता है।

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