रन-वे रिपेयरिंग में देरी का असर:विंटर शेड्यूल में नई फ्लाइट नहीं, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा- गलत एजेंसी चुनी

एयरपोर्ट के री-कार्पेंटिंग (रन-वे रिपेयरिंग) के काम में एक बार फिर देरी हो गई है। दिसंबर तक पूरा होने वाला काम अब फरवरी या मार्च तक पूरा होगा। इसका असर यह होगा कि 24 घंटे इंदौर एयरपोर्ट अभी खुला नहीं रहेगा और नई फ्लाइट्स भी हमें अभी नहीं मिलेगी। काम में लगातार हो रही देरी का मुद्दा दिल्ली से आए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारी डॉ. शरद कुमार और अनुराग मिश्रा के सामने भी उठा। जब एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन सांसद शंकर लालवानी ने पूछा कि रनवे का काम कब तक पूरा होगा? एयरपोर्ट अधिकारी ने जवाब दिया, इसमें देरी हो गई है? कमेटी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि काम में देरी हो गई, हर बार यह कह दिया जाता है। तीन-तीन महीने करके हर बार समय बढ़ाए जा रहे हैं, विंटर शेड्यूल में हमें जो नई फ्लाइटें मिलना थी, वह समर शेड्यूल में मिल जाएंगी? आखिर यह काम कब पूरा होगा, यह भी तो बताएं? अधिकारी ने कहा एक लेयर और कोटिंग करना है, फरवरी या मार्च तक हर हाल में काम पूरा कर लिया जाएगा। इधर, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, दिल्ली के अधिकारी ने भी देरी को लेकर कहा कि गलत एजेंसी का चयन हो गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा जल्द काम पूरा करवाएं। देरी का असर यह कि…. 1. रात 10.30 से सुबह 6 बजे तक फ्लाइट संचालन बंद है। फ्लाइटें सुबह 6 से रात 10 बजे के बीच चल रही हैं। 2. नए साल में इंदौर एयरपोर्ट 24 घंटे के लिए खुलना था। अब यह फरवरी या मार्च से ही शुरू हो पाएगा। 3. यदि तय समय पर काम हो जाता तो विंटर शेड्यूल में नई फ्लाइटें मिलती। 4. इंदौर एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल फ्लाइट का समय बदलना पड़ा। कुछ फ्लाइट लेट हुई तो निरस्त ही करना पड़ा। 5. कई बार फ्लाइट में बैठाकर यात्रियों को उतारना पड़ा। एयरलाइंस का क्रू लेट होने पर भी ऐसी स्थिति बनी। पहले अक्टूबर-दिसंबर, अब फिर नई तारीख रनवे री-कार्पेटिंग का काम श्री साईं कंस्ट्रक्शन कंपनी (चंद्रपुर) द्वारा किया जा रहा है। कॉन्ट्रेक्ट पिछले साल सितंबर में दिया गया था। अक्टूबर में हुई एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक में भी काम में हो रही देरी का मुद्दा उठा था। तत्कालीन एयरपोर्ट डायरेक्टर वी.के. सेठ ने भी माना था कि कॉन्ट्रेक्ट कंपनी के पूवर वर्किंग से देरी हुई। पहले अक्टूबर तक काम पूरा होना था फिर दिसंबर की तारीख तय की गई। तीन माह में 70 फ्लाइट देर रात उतारी गईं एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा तीन महीनों में रात 10.30 बजे बाद भी आई तो काम में देरी कर उसे उतरने की अनुमति दी गई। सितंबर में 12, अक्टूबर में 42 और नवंबर में अब तक 14 और दिसंबर में भी 3 से ज्यादा फ्लाइट को रात में देरी होने के बाद भी उतरने की अनुमति दी गई है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने कहा यदि आधे घंटे या इससे ज्यादा देरी होती है तो अनुमति दे रहे हैं। ज्यादा देरी होने पर यह संभव नहीं है। नई इंटरनेशनल फ्लाइट की संभावनाएं भी अब मार्च में इधर, इंदौर से बैंकॉक के लिए भी इंटरनेशनल फ्लाइट की संभावनाएं बन रही थी। हालांकि अब एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि रन-वे का काम पूरा होने के बाद ही नई फ्लाइट संभावित है।

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