प्रतापगढ़ नगर परिषद द्वारा कृषि मंडी रोड पर स्थित 1900 वर्गफीट व्यवसायिक भूमि की नीलामी अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गई है। दैनिक जनसुनवाई और शिकायत पत्रों के आधार पर हुई जांच में नीलामी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में ले-आउट प्लान, बाजार दर निर्धारण, नीलामी विज्ञप्ति, समिति गठन और नाला भूमि से संबंधित नियमों के उल्लंघन पाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर अंजलि राजोरिया ने नीलामी को विभागीय स्तर पर रद्द करने और मूल्य हानि निवारण समिति (PLPC) में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक 10 दिसंबर 2024 में राजस्व ग्राम प्रतापगढ़ की आराजी संख्या 892 (रकबा 0.15 हेक्टेयर) को नीलामी योग्य बताया गया था। हालांकि, वास्तविक नीलामी 1900 वर्गफीट के एक अलग व्यवसायिक भूखंड की की गई। नीलामी विज्ञप्ति में भी भूमि की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई थी। जिस ले-आउट प्लान के आधार पर नीलामी हुई, उसमें स्केल, हस्ताक्षर और मास्टर प्लान से सामंजस्य का अभाव पाया गया। दो बार हुई ई-नीलामी में बाजार दर तय करने का कोई ठोस आधार फाइलों में मौजूद नहीं था। सबसे गंभीर तथ्य यह है कि आवंटित भूमि नाला भूमि से मात्र 6 मीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि नियमानुसार 28 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का आवंटन प्रतिबंधित है। प्रशासन ने इसी आधार पर भूमि को नीलामी के लिए अयोग्य माना है। जिला कलेक्टर ने नीलामी निरस्त करने, विभागीय समीक्षा कराने और PLPC में प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। संबंधित रिपोर्ट संभागीय आयुक्त और राज्य स्तर तक भेजी गई है।


