लखनऊ के इकाना स्टेडियम में तीन दिवसीय आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2.0 का आयोजन हुआ। 10 से 12 जनवरी तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 2 लाख से अधिक लोग एक्सपो में पहुंचे। इसमें उत्तर प्रदेश, मुंबई कोलकाता और दिल्ली समेत कई राज्यों से 2 हजार से अधिक वास्तुकार शामिल हुए हैं। फेस्टिवल में भवन को कैसे खूबसूरत और मजबूत बनाया जाए इसको लेकर देश और विदेश के प्रोडक्ट्स लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। घरों दूषित पानी को स्वच्छ बनाने वाले STP ( Sewage Treatment Plant) को लोगों ने काफी पसंद किया। नए मॉडल के फर्नीचर, जनरेटर, बेसिक वॉशरूम एसेसरीज और फायर प्रूफ दरवाजों की काफी डिमांड रही। आर्किटेक्चर फेस्टिवल में आए व्यापारियों ने दैनिक भास्कर ने बात करते हुए इसे व्यापार आर्किटेक्चर के लिए बड़ा प्लेटफार्म बताया…। फेस्टिवल से व्यापार को बढ़ावा
कानपुर से आए प्रवेश ने बताया कि एक्सपो में वेनिस ब्रांड के फर्नीचर का स्टाल लगाया है। रेस्टोरेंट , लॉन्च , ऑफिस स्कूल के फर्नीचर्स मे डील करते हैं। 3 हजार से लेकर 10 हजार तक सिंगल चेयर की कीमत है। फेस्टिवल से काफी इंक्वायरी हो रही जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। पॉल्युशन मुक्त जनरेटर की डिमांड
फेस्टिवल में किर्लोस्कर जनरेटर के सेल्समैन ने बताया कि व्यापार कि दृष्टि से बेहद शानदार रहा। विगत 150 वर्षों से हमारी कंपनी जनरेटर के क्षेत्र में काम कर रही है । दुनिया की टॉप कंपनियों में सम्मिलित है। सरकार के कहने पर हम लोगों ने एनवायरमेंट को ध्यान में रखकर प्रदूषण मुक्त जनरेटर तैयार किया है। नई टेक्नोलॉजी से तैयार किया गया जनरेटर की पावर काफी बढ़ गई है और फ्यूल कंजप्शन कम हो गया है। आर्किटेक्चर फेस्टिवल में मल्टीपल कंपनियों से टाइप करने का अवसर मिला जिससे उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। पेंटिंग की जगह सीलिंग पैनल ने लिया
एग्जीबिशन में सीलिंग पैनल का स्टॉल लगाने वाले सुधीर ने बताया कि यह पोलैंड की बेस्ट कंपनी है 1989 में सीलिंग पैनल के क्षेत्र में काम कर रही है। घर को सजाने के लिए इंटीरियर , एक्सटीरियर सभी प्रकार के फ्लोरिंग सीलिंग पैनल मौजूद है। सीलिंग पैनल की वजह से लोगो को घरों में रंगाई पुताई से फुर्सत मिल गई। आर्किटेक्चर की यह पहली पसंद बन रही है क्योंकि इसके लगने से कम खर्चे में घर काफी आकर्षित नजर आता। जीरो मेंटेनेंस के साथ फायर और वाटरप्रूफ है। मार्किट में शटर नए फीचर्स के साथ आए
फेस्टिवल में नए प्रकार के शटर भी देखने को मिले। जैन शटर की ओर से लगाए गए स्टॉल के बारे में जानकारी देते हुए शौमिल ने बताया कि 1969 से उनकी कंपनी शटर बना रही है। पहले लोहे के शटर आते थे जिसे हाथ से उठाना पड़ता था अब टेक्नोलॉजी के साथ और बेहतर शटर आ गए हैं जिसे रिमोट से उठाया जाता है। मगर समय के साथ शटर की सिक्योरिटी में कोई भी बदलाव नहीं आया है। सुरक्षा के मामले में उतना ही बेहतर है जितना 50 साल पहले था। फायर प्रूफ दरवाजा
फेस्टिवल में हार्मोन की ओर से डोर्स स्टाल लगाया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए मयूरी ने बताया कि यह जर्मनी की कंपनी है जो भारत में 30 सालों से सेवाएं दे रही है। कंपनी की ओर से रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल डोर्स उपलब्ध कराए गए । इसमें सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाता है। फेस्टिवल में तमाम आर्किटेक्चर और क्लाइंट दरवाजे काफी पसंद कर रहे हैं। फायरप्रूफ डोर्स की सबसे ज्यादा डिमांड है लाइफ एंड सेफ्टी को देखते हुए कंपनी ने दरवाजे तैयार किये हैं। STP सेप्टिक टैंक की बढ़ी डिमांड
फेस्टिवल में डाइकी एक्सिस एसटीपी (सेप्टिक टैंक) आकर्षण का का केंद्र बना। इस संबंध में जानकारी देते हुए रमेश तिवारी ने बताया कि इसे जापान के द्वारा तैयार किया गया है। भारत सरकार और जापान के बीच में एक एमओयू हस्ताक्षर के बाद काफी तेजी से मार्केट में जगह बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं लोगों को घरों में एसटीपी प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया। यह दूषित पानी को साफ करने के लिए बेहद शानदार उपकरण है।मौजूदा समय में 2 लाख से लेकर 5 लाख तक घरेलू एसटीपी प्लांट और 5 लाख से 20 लाख तक कॉमर्शियल एसटीपी प्लांट उपलब्ध है। एसटीपी प्लांट को लेकर लोगों के अंदर रुचि बढ़ रही है । मार्केट अनुसार फेस्टिवल का आयोजन
फेस्टिवल के बारे में आर्किटेक्चर प्रज्ञा सिंह ने कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में आर्किटेक्चर शामिल। इसका आयोजन मार्केट और युवाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। जो लोग घर बनवा रहे हैं नए प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं उनके लिए यह फेस्टिवल काफी फायदेमंद साबित हुआ। फेस्टिवल से बच्चों के अंदर आर्किटेक्चर सेंस डेवलप हुआ है। पैनल डिस्कशन के माध्यम से इंडस्ट्री और मार्केट की समस्याओं पर भी चर्चा किया गया संपूर्ण रूप से लखनऊ वालों के लिए यह बेहद फायदेमंद रहा।


