काफी संख्या में ब्लैंक चेक व लेन-देन के डाक्यूमेंट्स मिले प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में गठित एसआईटी ने मंगलवार को रांची व बोकारो में कुल चार ठिकानों पर छापेमारी की। ये छापेमारी सैली ट्रेडर्स और मुख्य आरोपी भोला प्रसाद से जुड़े ठिकानों पर की गई। एसआईटी की टीम ने तुपुदाना में सैली ट्रेडर्स के कार्यालय और एक अपार्टमेंट में, हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित एक मकान में और बोकारो में एक दवा दुकान में छापेमारी की गई। इन ठिकानों से एसआईटी को काफी संख्या में ब्लैंक चेक, प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई से संबंधित दस्तावेज, कई संदिग्ध लेनदेन के दस्तावेज व अन्य डाक्यूमेंट्स मिले हैं। सभी की जांच की जा रही है। एसआईटी को अबतक के अनुसंधान में यह जानकारी मिली है कि रांची से बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई की गई। एसआईटी अब उक्त सैली ट्रेडर्स के उक्त गोदाम से किए गए सप्लाई की जांच कर रही है। इसके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। साथ ही इस प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई में कौन-कौन से अधिकारियों की मिलीभगत रही, इसकी भी जांच की जा रही है। अवैध सप्लाई का नेटवर्क उत्तर प्रदेश और बांग्लादेश से जुड़ा हुआ है। सिंडिकेट में कौन-कौन शामिल… हो रही जांच एसआईटी की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सैली ट्रेडर्स के मालिक भोला जायसवाल और शुभम जायसवाल हैं। जिनके माध्यम से तुपुदाना स्थित गोदाम से झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों में कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप सप्लाई की जाती थी। एसआईटी इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में जानकारी के बाद भी एक साल तक शैली ट्रेडर्स के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस दौरान अवैध कारोबार लगातार चलता रहा। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क में कई बड़े लोगों की भी अहम भूमिका रही है। इसमें कुछ पुलिस पदाधिकारियों की भी भूमिका संदेह के घेरे में है। जिनके साथ इस कारोबार के लिए इसके बड़ी डील होने और वसूली की बात सामने आई है। यह भी जानकारी मिली है कि इस कथित सौदे के बदले में महंगी दो बोतल यमाजाकि व्हिस्की गिफ्ट के तौर पर ली गई। अब इसकी भी जांच भी अब एसआईटी कर रही है।


