पीड़िता को तीन लाख रुपए प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए कोर्ट ने

पोक्सो कोर्ट द्वितीय ने 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 वर्ष के कारावास व 45 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई। एसपीपी हेमसिंह शेखावत ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के व्यक्ति ने 15 सितंबर, 2024 को बीदासर थाने में नाबालिग पोती की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। नाबालिग जब मिली तो उसने बताया कि महेंद्र (32) निवासी झाझड़ों की ढाणी सिनोद (नागौर) हाल रतनपुरा, घुमड़वाली (श्रीगंगानगर) ने उसके अश्लील फोटो ले लिए थे और उसे वायरल करने की धमकी देकर अपने साथ ले गया। आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। मौका मिलने पर वह उसके चंगुल से निकलकर आई। आरोपी उसे बेचने की फिराक में था। पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। विशिष्ट जज अनिल कुमार गुप्ता ने आरोपी महेंद्र को धारा 3/4(2) में दोष सिद्ध मानते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। राज्य सरकार की तरफ से एसपीपी हेमसिंह शेखावत व पीड़ित पक्ष की तरफ से एडवोकेट सुरेंद्र सिंह शेखावत ने पैरवी की। मामले में विशिष्ट जज गुप्ता ने पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत तीन लाख रुपए देने के भी आदेश दिए हैं। फैसले में लिखा गया कि पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत तीन लाख रुपए प्रतिकर दिलाया जाना उचित है। इसलिए इस मामले में पीड़िता को नियमानुसार पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 के तहत तीन लाख रुपए की अभिशंसा की जाती है। यदि पूर्व में कोई अंतरिम प्रतिकर राशि दी गई है तो वो इसमें समायोजित कर ली जाएगी। प्रतिकर की राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए पीड़िता को दी जाएगी। इसलिए फैसले की एक प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चूरू के सचिव को भी भेजी गई है।

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