गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) राजनांदगांव में गैस पाइप लाइन पर आधारित खाद फैक्ट्री लगाएगा। इसकी लागत 10500 करोड़ रुपए हैं। इस परियोजना में राज्य के 3500 लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिलेगा। मंगलवार को कौशल विकास विभाग और वाणिज्य व उद्योग विभाग द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में एमओयू हुआ। कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर क्षेत्र की कंपनियों ने प्रदेश में 13690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए। इससे 12 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम में औद्योगिक समूहों के साथ ऑन द स्पॉट एमओयू कर निवेश आमंत्रण पत्र जारी किए गए। यह निवेश न केवल औद्योगिक विकास को गति देंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए कौशल-आधारित आजीविका के नए द्वार भी खोलेंगे। सालाना 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन
गेल के प्रस्तावित गैस आधारित उर्वरक संयंत्र के पहले चरण में 10500 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यहां सालाना 1.27 मिलियन टन यूरिया का उत्पादन होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल और उर्वरक मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। इसे गेल की मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के साथ जोड़ा गया है। राजनांदगांव के बिजेतला क्षेत्र में परियोजना के लिए 400 एकड़ से अधिक जमीन प्रस्तावित है। वहीं 100 एकड़ अतिरिक्त जमीन टाउनशिप के लिए आरक्षित की गई है। परियोजना के संचालन से रोजगार के प्रत्यक्ष अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही संचालन, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, मेंटेनेंस और संबद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव संसाधन की मांग बढ़ेगी। क्यों खास है यह निवेश मॉडल स्किल टेक 2025: मुख्य उपलब्धियां गेल उर्वरक परियोजना: एक नजर 26 जिलों में आए 7.83 लाख करोड़ के निवेश
स्किल टेक में परिधान, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर पैनल निर्माण तथा अन्य उभरते (सनराइज) क्षेत्रों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी। पिछले एक वर्ष में 26 जिलों में 200 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलेहैं। इनमें लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएं कार्यान्वयन के स्तर पर हैं। इनमें से भी 58 प्रतिशत राज्य द्वारा चिन्हित प्राथमिक क्षेत्रों से संबंधित हैं। निवेशकों के विश्वास को परिणाम में बदल रहे : साय
छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल निवेश, रोजगार और कौशल को आपस में जोड़ने पर आधारित है। छत्तीसगढ़ स्किल टेक जैसे मंचों के माध्यम से हम निवेशकों के विश्वास को जमीनी स्तर पर परिणामों में बदल रहे हैं, ताकि राज्य में कुशल रोजगार के अवसर सृजित हों। इसके पीछे स्पष्ट नीतियां और प्रभावी क्रियान्वयन क्षमता हमारी ताकत है।
– विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री


