डीग में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा और वहां के प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में जिला स्तर पर प्रदर्शन किया। मंगलवार को शहर के लक्ष्मण मंदिर के सामने प्रदर्शनकारियों ने जिहादी तत्वों का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। विहिप के जिला मंत्री एडवोकेट विमल कुमार ने बताया कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से इस्लामी जिहादी गतिविधियों में लगातार वृद्धि हुई है। इन तत्वों के निशाने पर विशेष रूप से हिंदू समाज के मंदिर, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, महिलाएं, संपत्तियां, शासकीय कर्मचारी और पत्रकार हैं। हिंदुओं के उत्पीड़न की घटनाएं लगभग हर सप्ताह सामने आ रही हैं। उन्होंने गत सप्ताह मेमनसिंह जिले के भालुका क्षेत्र में हुई एक घटना का जिक्र किया। इसमें एक सामान्य हिंदू श्रमिक दीपू दास पर ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाकर जिहादी तत्वों ने अमानवीय यातनाएं दीं। भीड़ ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी और शव को जलाकर वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए। यह पूरा घटनाक्रम पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुआ, लेकिन उसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश का प्रशासन और समाज इस हिंदू विरोधी जिहादी उन्माद पर मौन साधे हुए है। उनका कहना था कि इससे अपराधियों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहन मिल रहा है, जो अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और मानवता के विरुद्ध गंभीर अपराध है। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह शीघ्र हस्तक्षेप कर बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उन्होंने वहां भय और शोषण मुक्त वातावरण बनाने की अपील की। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष भूरी सिंह फौजदार, जिला कोषाध्यक्ष गजराज सिंह, बजरंग दल जिला संयोजक नितेश चौधरी, जिला धर्म प्रसार प्रमुख संग्राम सिंह, शहर संयोजक ध्रुव कुमार गर्ग, करतार सिंह एडवोकेट, पृथ्वीराज सिंह, मोहन राज, ग्रामीण बजरंग दल संयोजक साका गुर्जर, चंद्रभान सुहेरा, यश शर्मा, लेखराज सिंह, आकाश बहज, मदन गोपाल पान्हौरी, विष्णु चौधरी और राज पटेल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


