सागर जिले के खुरई ब्लॉक स्थित पीएमश्री सरकारी स्कूल खिमलासा में एक शिक्षिका को अनुशासनहीनता भारी पड़ गई। आरोप है कि शिक्षिका ने पहले छात्रों को प्रताड़ित किया और जब इसकी शिकायत हुई तो उल्टे छात्रों को भड़काकर प्रिंसिपल के खिलाफ ही नारे लगवा दिए। इतना ही नहीं, शिक्षिका ने छात्रों के जरिए स्कूल के बाहर सड़क पर जाम भी लगवा दिया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सागर संभाग आयुक्त ने शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। खबर छपी तो छात्रों को भड़का दिया जिला शिक्षा अधिकारी और संयुक्त संचालक की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएमश्री हायर सेकेंडरी स्कूल खिमलासा की उच्च माध्यमिक शिक्षिका दीपाली सिंघई के खिलाफ कक्षा 10वीं के छात्रों ने शिकायत की थी। छात्रों का आरोप था कि टीचर उन्हें प्रताड़ित करती हैं। यह मामला जब अखबारों की सुर्खियां बना, तो शिक्षिका ने इसे रंजिश के तौर पर लिया। आरोप है कि अपनी गलती सुधारने के बजाय उन्होंने छात्रों को उकसाया और गुमराह किया। प्रिंसिपल के खिलाफ लगवाए नारे, चक्काजाम किया शिक्षिका ने अनुशासन की सारी हदें पार करते हुए छात्रों को स्कूल के प्राचार्य और अन्य शिक्षकों के खिलाफ खड़ा कर दिया। उन्होंने बच्चों से नारेबाजी करवाई और स्कूल के बाहर चक्काजाम करवा दिया। यह सब बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के किया गया। प्रशासन ने माना कि इस हरकत से न केवल स्कूल का माहौल खराब हुआ, बल्कि विभाग की छवि भी धूमिल हुई है। कमिश्नर बोले- यह अनुशासनहीनता है मामले की जांच के बाद संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर ने रिपोर्ट सौंपी, जिसमें शिक्षिका दीपाली सिंघई को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर सागर संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने इसे मप्र सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन और स्वेच्छाचारिता मानते हुए शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए हैं।


