राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने डूंगरपुर में एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने और राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। यह संवाद कार्यक्रम जिला परिषद के ईडीपी सभागार में आयोग के सदस्य मोहन मोरवाल की अध्यक्षता में हुआ। इसमें जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, नगर परिषद सभापति अमृतलाल कलासुआ सहित ओबीसी वर्ग के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम में पंचायती राज और नगर निकाय संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर चर्चा की गई। ओबीसी प्रतिनिधियों ने बताया कि टीएसपी क्षेत्र में लगभग 30% ओबीसी जातियां निवास करती हैं, लेकिन उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व लगभग शून्य है। उन्होंने यह भी बताया कि जहां प्रदेश में ओबीसी वर्ग को नौकरियों में 21% संवैधानिक आरक्षण का प्रावधान है, वहीं टीएसपी क्षेत्र में ओबीसी वर्ग को इस आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां ओबीसी वर्ग को सामान्य वर्ग के समान माना जाता है। संवाद कार्यक्रम में ओबीसी संगठनों और प्रतिनिधियों ने कई मांगें रखीं। इनमें उन पंचायतों और निकायों में चुनावों में रोटेशन से आरक्षण की व्यवस्था करना शामिल है, जहां ओबीसी वर्ग की जनसंख्या 60% से अधिक है। इसके अतिरिक्त, राजनीतिक नियुक्तियों में ओबीसी को प्रतिनिधित्व देने, क्षेत्र में पढ़ने वाली ओबीसी वर्ग की छात्राओं को स्कूटी योजना में शामिल करने और छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग भी की गई। इन मांगों को लेकर संगठनों ने ओबीसी आयोग के सदस्य को ज्ञापन भी सौंपे। आयोग के सदस्य मोहन मोरवाल ने इन सभी समस्याओं को आयोग के समक्ष रखकर उनके समाधान का आश्वासन दिया।


