झुंझुनूं जिले के आबूसर-दुर्जनपुरा क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार की पीएम कुसुम कंपोनेंट योजना ‘ए’ के तहत यहां 1800 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस सोलर पावर प्लांट से प्रति वर्ष लगभग 28 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा, जिससे क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए बिजली की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। सिंचाई के लिए नहीं करना पड़ेगा रात का इंतजार इस परियोजना के धरातल पर उतरने से किसानों को सिंचाई, मोटर पंप और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध होगी। अब किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बिजली के इंतजार में रातभर जागना नहीं पड़ेगा। दिन के समय पर्याप्त बिजली मिलने से खेती का काम आसान और सुरक्षित हो सकेगा। खेती को मिलेगी नई ऊर्जा, घटेगी लागत यह सोलर पावर प्लांट जयपुर की सपना ट्रेडिंग कंपनी द्वारा स्थापित किया जा रहा है। कंपनी के प्रबंधक चिरंजी लाल कुमावत ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।उन्होंने बताया कि यह 1800 किलोवाट का अत्याधुनिक सोलर प्लांट होगा, जिससे सालाना करीब 28 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इससे किसानों की बिजली पर निर्भरता मजबूत होगी और डीजल या अन्य महंगे विकल्पों पर होने वाला खर्च भी कम होगा। रात की ठिठुरन और डर से मिलेगी मुक्ति अब तक आबूसर और आसपास के गांवों के किसानों को बिजली शेड्यूल के अनुसार अक्सर रात के समय खेतों में सिंचाई करनी पड़ती थी। सर्दियों में कड़ाके की ठंड और सुनसान खेतों में काम करना जोखिम भरा भी होता था।सोलर पावर प्लांट शुरू होने के बाद किसानों को दिन के समय ही पर्याप्त बिजली मिल सकेगी, जिससे वे सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से खेती कर पाएंगे। क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार इस सोलर परियोजना से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, बिजली आपूर्ति मजबूत होने से कृषि उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। कुल मिलाकर, पीएम कुसुम योजना के तहत स्थापित होने वाला यह सोलर पावर प्लांट झुंझुनूं जिले के किसानों के लिए खेती में बदलाव लाने वाला साबित होगा।


