बैतूल में दतोरा, पिसाटा और सेंदूरजन क्षेत्र के किसानों ने देहगुड़ जलाशय से फसलों के लिए पानी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। किसानों ने “नहर दो नहीं तो जहर दो” के नारे लगाए और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि सिंचाई जल की समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। किसानों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि देहगुड़ जलाशय की नहर 12 दिसंबर 2025 को चालू की गई थी। लगभग 14 किलोमीटर लंबी इस नहर से अब तक केवल 5 से 6 किलोमीटर तक ही पानी पहुंच पाया है, जिसके कारण शेष क्षेत्रों की फसलें सूख रही हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा नहर तोड़कर पानी को कमांड क्षेत्र से बाहर मोड़ा जा रहा है। इससे सैकड़ों एकड़ खेतों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि नहर के आगे गड्ढे और कुएं खोदकर भी पानी को रोका जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अंतिम छोर के किसानों की फसलें पूरी तरह सूख चुकी हैं। किसानों ने मांग की है कि नहर से अवैध रूप से पानी ले जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सभी किसानों तक समान रूप से पानी पहुंचाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


