इंदौर में साइबर फ्राड के मामलों में FIR:लसूड़िया में रिटायर्ड बैंक मैनेजर हुए डिजिटल अरेस्ट, हीरानगर में व्यापारी को बनाया निशाना

इंदौर के थानों में मंगलवार देर रात साइबर फ्रॉड के मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। साइबर सेल से मिली जानकारी के बाद संबंधित थानों में आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। इन मामलों में रिटायर्ड बैंक मैनेजर सहित व्यापारी भी ठगी का शिकार हुए हैं। लसूडिया: रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 5 लाख की ठगी
लसूडिया पुलिस ने 76 वर्षीय रवि कुमार कामरा निवासी स्कीम नंबर-94 की शिकायत पर अकाउंट होल्डर चंद्रकांत जेनावटी के खिलाफ 5 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज किया है। रवि कुमार बैंक मैनेजर पद से रिटायर्ड हैं। 17 नवंबर 2025 को उन्हें व्हाट्सएप पर कॉल आया और पहले व्हाट्सएप चेक करने को कहा गया। इसमें कुछ तस्वीरें और दस्तावेज थे, जिनमें जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल की फोटो थी। कॉलर ने बताया कि गोयल ईडी जांच में आरोपी हैं और रवि कुमार पर उनके साथ मिलकर 20 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग फ्रॉड का आरोप है। कॉलर ने गिरफ्तारी वारंट निकलने और मुंबई के केनरा बैंक से लेन-देन होने की बात कही। इसके बाद डराकर 5 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए। बाद में बैंक अधिकारियों द्वारा परिवार को जानकारी देने पर डिजिटल अरेस्ट ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। हीरानगर: ट्रेडिंग के नाम पर 7.13 लाख की ठगी
हीरानगर थाना पुलिस ने शरद कुमार मिश्रा निवासी श्याम नगर की शिकायत पर कार्रवाई की है। शरद पेशे से व्यापारी हैं। नवंबर 2025 में उनका टेलीग्राम के माध्यम से कुछ लोगों से संपर्क हुआ। उन्होंने खुद को सेबी रजिस्टर्ड कंपनी बताया और ट्रेडिंग का झांसा दिया। शरद को bestbuy-lab.com नाम की साइट को अमेरिकी कंपनी बताया गया। पहले 10 हजार रुपए निवेश करने पर 12 हजार रुपए का मुनाफा दिखाया गया। इसके बाद अलग-अलग चरणों में लाखों रुपए निवेश करवा लिए गए। शंका होने पर कंपनी का पता पूछा गया, जो हरियाणा का निकला। इंटरनेट पर जांच करने पर फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद 12 दिसंबर को साइबर ऑफिस रीगल में शिकायत की गई। रावजी बाजार: लॉटरी के नाम पर यूपीआई से ठगी
रावजी बाजार थाना क्षेत्र में कैलाश चंद्र मालवीय की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 29 नवंबर 2025 को उन्हें केरल ऑनलाइन सर्विस तिरुवनंतपुरम लॉटरी विभाग के नाम से कॉल आया और 1 लाख रुपए की लॉटरी लगने की बात कही गई। बातचीत के बाद उनके एसबीआई अकाउंट से यूपीआई के जरिए 1 लाख 31 हजार रुपये के अनाधिकृत लेन-देन हो गए। जब ठग से संपर्क किया गया तो उसने 74 हजार रुपए और मांगे। इसके बाद साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की गई। राजेंद्र नगर: इलाज के बहाने 1.57 लाख की ठगी
राजेंद्र नगर पुलिस ने मुकुंद सूबेदार निवासी धनवंतरी नगर की शिकायत पर दो मोबाइल कस्टमरों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मुकुंद मूल रूप से हरदा के रहने वाले हैं। 23 नवंबर 2025 को उन्हें एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को हरदा स्थित चोरेजी मंदिर के पास रहने वाला परिचित बताया और बेटे के बॉम्बे अस्पताल में इलाज का बहाना बनाकर अलग-अलग खातों में छह बार में 1 लाख 57 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बाणगंगा: बैंक अधिकारी बनकर 1.10 लाख की ठगी
बाणगंगा पुलिस ने उदयराज कश्यप की शिकायत पर 1 लाख 10 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज किया है। आरोपी मोबाइल कस्टमर ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर नवंबर 2025 में उनके अकाउंट से रुपए ट्रांसफर किए। मल्हारगंज: फैक्ट्री संचालक से 11.54 लाख की ठगी
मल्हारगंज थाना क्षेत्र में फैक्ट्री संचालक के साथ उनके यहां काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर ठगी की। टीआई वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मुरलीधर धूत निवासी सत्यम कॉम्प्लेक्स की शिकायत पर हिमांशु पिता तेज कुमार जोशी निवासी द्वारकापुरी, सुदामा नगर और उसके साथी कपिल कुमार टांक निवासी कोमल रेसिडेंसी, गोपुर चौराहा के खिलाफ ऑनलाइन धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। मुरलीधर की फैक्ट्री का ऑफिस जवाहर मार्ग पर है। उनके फैक्ट्री अकाउंट से करीब 11 लाख 54 हजार रुपए कपिल टांक के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। जांच में सामने आया कि हिमांशु पिछले 15 साल से फैक्ट्री में कंप्यूटर का काम करता था और विश्वासपात्र होने के कारण उसे यूपीआई पासवर्ड और नेट बैंकिंग की जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने अपने दोस्त के खाते में रकम ट्रांसफर की।पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।

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