खरगोन जिले के खारक बांध से प्रभावित लोगों ने पुनर्वास की मांग को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी दी है। प्रभावितों का कहना है कि बिना पुनर्वास के बांध का निर्माण कर दिया गया, जिससे 128 परिवार बेघर हो गए हैं और मजदूरी करने को मजबूर हैं। जाग्रत आदिवासी दलित संगठन के माध्यम से प्रभावितों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक पत्र भेजा है। उन्होंने एसडीएम विजेंद्र कटारे से भी जल्द पुनर्वास की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे कलेक्ट्रेट में धरना देंगे। संगठन के प्रतिनिधि शिवराम कनासे ने बताया कि बांध का निर्माण 10 साल पहले बिना पुनर्वास के ही कर दिया गया था। सुनवाई न होने पर प्रभावितों ने न्यायालय का रुख किया था। खारक बांध की डूब को 10 साल और सर्वोच्च न्यायालय के 2017 के आदेश को 8 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पुनर्वास नहीं हुआ है। जनवरी 2017 के आदेश में उच्चतम न्यायालय ने जल्द से जल्द समाधान करने और एक के बजाय तीन शिकायत निवारण प्राधिकरण (जीआरए) गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, 128 पीड़ित परिवारों का पुनर्वास अभी भी लंबित है, जिससे वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं।


