भास्कर न्यूज | अमृतसर दुर्गंध, प्रदूषण, गंदगी और बीमारियों का गढ़ बना भगतांवाला डंप आए दिन आगजनी के चलते और समस्या पैदा करता जा रहा है। सोमवार को भी डंप में भीषण आग लग गई, जिसे घंटों बाद बुझाया जा सका। इलाके के लोगों का आरोप है कि शासन-प्रशासन और नगर निगम की लापरवाही और वादा खिलाफी का नतीजा आसपास के इलाकों के लाखों लोग भुगत रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग शाम को 4 बजे के आसपास लगी। यह कैसी लगी किसी को पता नहीं लेकिन आरोप है कि अक्सर शरारत के चलते ऐसा किया जाता है। खैर, आग धधकने लगी और धुआं पूरे इलाके में फैल कर परेशानी का कारण बनता रहा। इसके बाद जब नगर निगम को फोन किया गया तो वहां से शाम 6.30 बजे फायर ब्रिगेड आई और बुझाया जा सका। डंप को हटाने को लेकर लड़ाई लड़ने वाली कमेटी के मेंबर संजय शर्मा ने बताया कि वह उधर से शाम को गुजर रहे थे तो आग लगी देखी। इसके बाद निगम को फोन किया। उनका आरोप है कि गाड़ी ढाई घंटे बाद आई। संजय शर्मा का कहना है कि वह लोग डंप हटाने की बात कर रहे हैं और यह मांग बरसों से जारी है लेकिन किसी भी सरकार ने उनके साथ इंसाफ नहीं किया। अब डंप पर ही कूड़ा खत्म करने की कवायद चल रही है, जिस पर करोड़ों खर्चे जा रहे हैं। आलम यह है कि न तो डंप हट रहा है ना ही कूड़ा खत्म हो रहा है। अलबत्ता बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते साल गर्मियों में 6, 11, 15 मई को और फिर 13 तथा 16 जून को भी आग लगी थी लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। लोग इस डंप को लंबे समय से यहां से हटाने की मांग कर रहे हैं। भगतांवाला डंप एक दशक से ज्यादा समय से जनजीवन और शासन-प्रशासन के गले की फांस बना हुआ है। आलम यह है कि डंप पर 15 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के हेल्थ अफसर डॉ. किरण कुमार ने बताया कि खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड भेज दी गई और आग पर काबू पा लिया गया। उनका कहना है कि कूड़े के निस्तारण का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही मुकम्मल भी हो जाएगा। उनका कहना है कि भगतांवाला डंप पर ही पानी के लिए बोरिंग कर दी गई है ताकि गाड़ियों को वहीं से पानी मिलता रहे।


