ऑपरेशन साइबर शील्ड:नाबालिग को निरुद्ध कर 2 साइबर ठग पकड़े, खातों में मिला ‌1 करोड़ रुपए का संदिग्ध ट्रांजेक्शन

ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत वेस्ट जिला पुलिस द्वारा शनिवार को पकड़े गए 30 बदमाशों से रिमांड के दौरान पूछताछ की तो 40 और बैंक खाते सामने आए हैं, जिनमें करीब 40 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी मिला है। पुलिस इससे पहले इन बदमाशों के पास मिले 110 बैंक अकाउंट-यूपीआई रविवार को ही फ्रीज करवाए थे। इससे पहले कार्रवाई के दौरान शनिवार को 135 बैंक अकाउंट, 64 यूपीआई आईडी व 20 एटीएम विद अकाउंट सीज करवा दिए थे। सभी बैंक खातों में करीब 150 करोड़ से ज्यादा के संदिग्ध ट्रांजेक्शन हैं। गौरतलब है कि वेस्ट जिले की स्पेशल टीमों ने शनिवार को 5 जगह दबिश देकर 32 ठगों को पकड़ा था। खो-नागोरियान पुलिस ने साइबर शील्ड अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के दो बदमाशों को गिरफ्तार करते हुए एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। इनसे 9 मोबाइल फोन, 16 एटीएम, 1 लैपटॉप, 3 चेकबुक, 2 पासबुक और 45 हजार रुपए नकद एवं कार को बरामद किए हैं। पुलिस को मुख्य आरोपी के खाते से आधा दर्जन बैक खातों में 1 करोड़ रुपए की ठगी के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। इनके खिलाफ 6 राज्यों में शिकायतें साइबर पोर्टल पर दर्ज हंै। मुख्य आरोपी का काम साइबर ठगी के लिए खाते उपलब्ध कराना भी था। डीसीपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि थानाधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इस मामले में एक नाबालिग को निरुद्ध करते हुए चरत लाल मीना (21) पुत्र प्यारे लाल मीना और जसराम मीना (24) पुत्र दामोदर मीना दोनों निवासी मण्डावरी, दौसा को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में आया कि चरत लाल मीना अपने बैंक खाते साइबर फ्रॉड के साथ-साथ अपने बैंक खाते विभिन्न साइबर ठगों को किराए पर भी उपलब्ध कराता था। पुलिस को चरतलाल मीना के खाते से आधा दर्जन बैक खातों मे एक करोड़ रुपए की ठगी की संदिग्ध ट्रांजेक्शन के साक्ष्य भी मिले हैं। दोनों के खिलाफ गुजरात, उतरप्रदेश, हरियाणा, हैदराबाद, छतीसगढ़, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में साइबर पोर्टल पर दर्जनभर से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं। जसराम मीना व चरतलाल मीना लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग में राशि को डबल करने का झांसा देकर फर्जी खाते में पैसे डलवा कर छोटा मोटा मुनाफा देता है। उसके बाद मे जब पीड़ित बड़ी राशि लगा देता है तो उसके बाद में ये लोग अपने मोबाइल फोन को बन्द कर लेते हैं व पीड़ित का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर देते हैं। निरुद्ध नाबालिग 91 क्लब गेमिंग एप के नाम पर सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से गेम खेलने के लिए आईडी बनाकर फर्जी खातो में राशि डलवा कर ठगी करता था।

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