हेल्थ रिपोर्टर | बीकानेर बजट के अभाव में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत नहीं हो पा रही। पिछले छह महीने से कॉलेज का हिस्सा क्षतिग्रस्त है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा निदेशालय आयुक्त से दो करोड़ 31 लाख 50 हजार रुपए मांगे हैं। ध्वस्त हिस्से को पूरा गिराने के लिए ही करीब चार लाख की डिमांड की गई है। कॉलेज भवन का एक हिस्सा जुलाई में गिर गया था। इसे लेकर दैनिक भास्कर के बुधवार के अंक में “मेडिकल कॉलेज का एक हिस्सा अनसेफ, दुबारा बनाने के लिए चाहिए 2.50 करोड़ रुपए, बीएफसी में सिविल वर्क के लिए पैसा ही नहीं मिला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उसके बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया है। प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा ने आयुक्त, निदेशालय, चिकित्सा शिक्षा विभाग को तखमीना भेजकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए 2 करोड़ 31 लाख 50 हजार रुपए मांगे हैं। दरअसल हाल ही में जयपुर में हुई बजट फाइनेंस की बैठक में भी इसके प्रस्ताव रखे गए थे, लेकिन वित्त विभाग ने मंजूरी नहीं दी। इतना ही नहीं सिविल वर्क के लिए एक पैसा मंजूर नहीं किया गया। इससे कॉलेज और पीबीएम हॉस्पिटल में मेंटिनेंस और रिपेयरिंग के कई कार्यों पर असर पड़ते देख प्रिंसिपल ने आयुक्त को अलग से पत्र लिखा है। 23 हजार स्क्वायर मीटर में दुबारा होगा निर्माण मेडिकल कॉलेज के क्षतिग्रस्त हिस्से का नव निर्माण 23 हजार स्क्वायर मीटर में होगा। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को भेजे गए तखमीने के अनुसार ग्राउंड फ्लोर के निर्माण पर 78 लाख 20 हजार रुपए तथा फर्स्ट के लिए 74 लाख 80 हजार रुपए मांगे गए हैं। ध्वस्त हिस्से को गिराने पर करीब चार लाख का खर्च आएगा। इसके अलावा बिजली की फीटिंग, फर्नीचर आदि पर भी पैसा खर्च होगा। ^ कॉलेज भवन की मरम्मत के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को पत्र लिखा है। एक हिस्सा पूरा ही नया बनेगा। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने अनसेफ हिस्से को गिराने का काम शुरू कर दिया है। -डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा, प्रिंसिपल, एसपी मेडिकल कॉलेज, बीकानेर


