31 जनवरी तक होगी खरीदी, अवकाश के दिनों को छोड़ कर केवल 12 दिन ही बेच सकेंगे धान

भास्कर न्यूज | राजनांदगांव धान खरीदी करने की अंतिम तिथि को बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर जिले के किसान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को कलेक्ट्रेट के सामने सत्याग्रह करेंगे। 31 जनवरी तक धान खरीदी की जाएगी। अब कुल 15 दिन शेष है जिसमें शनिवार और रविवार अवकाश को छोड़ कर केवल 12 दिन धान की खरीदी की जा सकेगी। किसानों द्वारा पूरे तीन माह 14 फरवरी तक करने खरीदी करने की मांग की जा रही है। इस मांग पर उन्होंने ज्ञापन सौंपा और प्रदर्शन किया था। समर्थन मूल्य पर 14 नवंबर 2024 से प्रदेश एवं जिले में धान खरीदी शुरू की गई थी। इस बार करीब 14 दिन देरी से खरीदी शुरू होने के कारण पहले दिन से धान की बंपर आवक रही। ऑनलाइन टोकन का कोटा खत्म होने के बाद ऑफ लाइन टोकन तो दिया जा रहा। लेकिन किसानों को 10-15 दिन बाद की तारीख मिलती रही। लेकिन उठाव शुरू से कमजोर होने की वजह से पूरे सीजन में तीनों जिले के अधिकांश केन्द्रों में धान खरीदी बंद करनी पड़ी। किसानों को समस्याओं से जूझना पड़ा। केवल 12 दिन शेष होने से किसानों की चिंता बढ़ी है। राजनांदगांव. धान खरीदी को 12 दिन शेष होने के चलते बंपर आवक हो रही। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे किसान फिर भी राहत नहीं है जिला किसान संघ के सुदेश टीकम ने बताया कि पूरे तीन माह 14 फरवरी तक धान खरीदी करने सहित, समर्थन मूल्य में वृद्धि 117 रुपए का लाभ देकर 3217 की दर से एकमुश्त भुगतान करने, राजीव गांधी न्याय योजना की बकाया चौथी किस्त का भुगतान करने, धान खरीदी की व्यवस्था सुधारने की मांग पर किसान संघर्ष कर रहें है। इन मांगों पर विगत दिनों रायपुर और मोहला में प्रदर्शन किया था। अब गांधी पूण्य तिथि 30 जनवरी को कलेक्ट्रोरेट के सामने जिला किसान संघ द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सत्याग्रह करने करने की तैयारी है। इसे लेकर संघ सक्रिय है। तीनों जिले में अब तक खरीदी और उठाव की स्थिति, इधर अफसर दावा ही कर रहे राजनांदगांव जिले में 110928 किसानों ने 57 लाख क्विंटल धान बेच लिया है। इसमें 27 लाख क्विंटल धान का उठाव किया गया। केसीजी जिले में 60037 किसानों ने 33 लाख 38 हजार क्विंटल धान बेचा, इसमें 15 लाख 83 हजार क्विंटल का उठाव किया गया। एमएमसी जिले में 33225 किसानों ने 16 लाख 77 हजार क्विंटल धान बेचा। इसमें 5 लाख 68 हजार क्विंटल का उठाव किया गया। तीनों जिले में अब भी लाखों क्विंटल धान जाम पड़ा है। अवकाश के चलते 2 दिन खरीदी बंद रही। टीओ जारी कर अवकाश के दिनों में तेजी से उठाव करने का दावा कर रहे हैं। मौसम के उतार-चढ़ाव ने बढ़ाई कर्मियों की चिंता इस सीजन में 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक करीब 80 दिनों में अवकाश के दिनों को छोड़ कर केवल 48 दिन मिले है। इसमें बदली बारिश, समिति प्रबंधकों की हड़ताल, खरीदी केन्द्रों में धान जाम होने के कारण कई केन्द्रों में लंबे समय तक खरीदी बंद रही। प्रशासन तेजी से धान उठाव का दावा करता रहा लेकिन राइस मिलर्स की हड़ताल के कारण देरी से उठाव शुरू हुआ। अब भी 25 हजार से ज्यादा किसानों ने नहीं बेचा धान राजनांदगांव में उठाव तेज है लेकिन केसीजी और एमएमसी जिले में उठाव कमजोर होने से कई खरीदी केन्द्रों में धान खरीदी बंद पड़ी है। प्रशासन द्वारा 70 प्रतिशत खरीदी का दावा किया जा रहा है। लेकिन अब भी कुछ ऐसे किसान है जिन्होंने पहली बार भी धान नहीं बेचा है। जिले में करीब सवा लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। इसमें 15 हजार से ज्यादा किसान धान बेचने शेष है। धान खरीदी की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई गई तो परेशानी बढ़ेगी।

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