झारखंड कुरमी विकास परिषद का 51वां महासम्मेलन गुरुवार को आरटीसी बीएड कॉलेज, बूटी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रणधीर चौधरी ने की। इस अवसर पर उन्होंने परिषद के एक साल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए संगठन की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि खतियान में दर्ज जाति ही हमारी वास्तविक पहचान है। उन्होंने समाज से दहेज प्रथा समाप्त करने, सामाजिक कुरीतियों को त्यागने और जरूरतमंदों की आर्थिक मदद करने की अपील की। कहा, पिछड़ों के आरक्षण में लगातार कटौती हो रही है। इसके खिलाफ समाज को संगठित होकर आवाज बुलंद करनी होगी और राजनीति में प्रभावी भूमिका निभानी होगी। अध्यक्ष रणधीर चौधरी ने समाज को बाल विवाह, दहेज प्रथा, नशापान जैसी कुरीतियों के उन्मूलन, गरीब छात्रों को उच्च शिक्षा व खेल के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने, कुरमी समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल कराने तथा कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, हो, मुंडारी, खड़िया, उरांव, पंचपर गनिया व संथाली भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने की शपथ दिलाई। इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय अध्यक्ष ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया तथा शहीद निर्मल महतो एवं सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान बिना दहेज के विवाह कर अपने दोनों पुत्रों को डॉक्टर बनाने वाले हुलास महतो को सम्मानित किया गया। साथ ही दिल्ली में पढ़ाई कर रही अनगड़ा प्रखंड की नेत्रहीन छात्रा की आर्थिक सहायता के लिए समाज से सहयोग की अपील की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और आकर्षक बनाया। महासम्मेलन में राज्यभर से आए कुरमी समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे। विशिष्ट अतिथि कुरमी विकास मोर्चा के अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून लागू होने से मूल निवासियों और कुरमी समाज की स्थिति कमजोर हो सकती है। इसके लिए सभी कुरमी संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। कार्यक्रम को संबोधित करने वालों में डॉ. रुद्र नारायण महतो, सुनील महतो, प्रो. सुरेश प्रसाद, संतोष कुमार महतो, प्रेमनाथ महतो, जिला परिषद सदस्य बबीता देवी, राजेंद्र महतो, जय प्रकाश महतो (गोला), गोपाल महतो, लालचंद महतो, शर्मा महतो, रामकांत महतो, दर्शन महतो, रामनाथ महतो, डॉ. विजय, डॉ. नीलम, जिप सदस्य सरिता देवी, सुषमा देवी, मीना देवी, धनेश्वर महतो, सुनील कुमार कश्यप, अखिल भारतीय कुरमी विकास संघ के करीनाथ महतो, सर्वेश प्रसाद, महेंद्र चौधरी, श्यामनारायण महतो, संजय महतो, पार्वती देवी, शिवलाल महतो सहित कई गणमान्य लोग शामिल रहे।


