12वीं पास ने टाटा फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगी की:गूगल ट्रेंड देखकर आया आइडिया; लॉ स्टूडेंट पत्नी और सास-ससुर भी जीते थे लग्जरी लाइफ

मंदसौर पुलिस ने टाटा कंपनी की जूडियो आउटलेट फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले मास्टरमाइंड जितेंद्र सिंह को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि उसने सिर्फ 12वीं तक की पढ़ाई की है। लॉ स्टूडेंट पत्नी सहित सास-ससुर को पता था कि दामाद ठगी का काम करता है, मगर किसी ने उसे रोका नहीं। उल्टा पत्नी धोखाधड़ी के रुपयों से पति के साथ लग्जरी लाइफ जीती थी। गिरफ्तारी से पहले भी आरोपी अपनी पत्नी के साथ मनाली घूमने गया था। लौटा तो एयरपोर्ट पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने ये भी बताया कि गूगल ट्रेंड देखकर उसे टाटा जूडियो के नाम पर ठगी का आइडिया आया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले जान लीजिए मामला क्या है? मंदसौर पुलिस को पूर्व नपाध्यक्ष के बेटे सूरज गुप्ता ने पिछले महीने यानी दिसंबर 2024 में शिकायत की थी। पुलिस को उसने बताया था कि टाटा कंपनी की जूडियो आउटलेट फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी की गई। ई-मेल के जरिए नवंबर में फ्रेंचाइजी का प्रपोजल आया था। ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में 38 लाख 67 हजार 710 रुपए जमा करवाए। बाद में और रुपयों की डिमांड ठगों की तरफ से की गई तो फरियादी को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत की तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। एक फर्जी खाता और सिम के लिए 25 हजार
मंदसौर पुलिस को मामले की शुरुआती जांच में ये पता चला कि गैंग अलग-अलग राज्यों में वेबसाइट बनाकर लोगों को जूडियो की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर फंसाती है। अलग-अलग बैंक अकाउंट में लोगों से रुपए डलवाए जाते हैं। अकाउंट में रुपए आते ही उन्हें गैंग के अन्य सदस्य तुरंत एटीएम के जरिए निकाल लेते हैं। कुछ रुपए अन्य बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं, फिर एटीएम के जरिए रुपए निकालकर अकाउंट खाली कर देते हैं। बैंक अकाउंट खुलवाने, सिम कार्ड कलेक्ट करने और एटीएम से रुपए निकालने के लिए अलग-अलग टीम बनाई गई थी। बिहार और पश्चिम बंगाल से जुड़े थे ठगी के तार
पुलिस को जूडियो के नाम पर बनी उस फर्जी वेबसाइट का लिंक मिला, जिससे फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। वेबसाइट के डोमेन जिसे आईपी एड्रेस का विकल्प भी कहते हैं, उससे वेबसाइट के बिहार और पश्चिम बंगाल से ऑपरेट होने के सुराग मिले। पुलिस टीम ने वहां जाने का फैसला लिया। पटना और कोलकाता में टीम 13 दिन रुकी। आरोपियों के बारे में सबूत इकट्‌ठा किए। आरोपियों ने जहां एमपी, महाराष्ट्र, यूपी, बिहार, बंगाल के खातों का इस्तेमाल किया, वहीं फर्जी मोबाइल सिम बंगाल की यूज की थी। एक से दूसरा कनेक्शन जोड़ते हुए आखिरकार मास्टरमाइंड जितेंद्र सिंह का नाम पुलिस को पता चला। इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई। ATM के CCTV देखे तो 3 और चेहरे सामने आए
ठगी के रुपए अकाउंट में आने के बाद उसे निकालने के लिए एक टीम काम करती थी, जिसे आरोपी सचिन लीड करता था। अमिष और नितेश उसके सहयोगी थे। सचिन या उसके साथी रुपए निकालने के लिए 115 किलोमीटर का सफर तय कर नवादा से पटना जाते थे, जबकि अकाउंट नवादा बैंक का ही रहता था। ऐसा इसलिए करते थे ताकि उन्हें पकड़ना मुश्किल हो। पुलिस को ऐसे पता चली मास्टरमाइंड की लोकेशन
मास्टरमाइंड जितेंद्र का मोबाइल नंबर पुलिस को पता चल गया था, लेकिन वो सिर्फ वॉट्सऐप कॉलिंग पर बात करता और बाद में मोबाइल स्विच ऑफ कर देता था। उसके फोन ऑन-ऑफ करने के कारण पुलिस को उसकी लोकेशन कन्फर्म हो गई। उसे पकड़ने के लिए एमपी पुलिस ने बिहार, बंगाल और दिल्ली पुलिस की मदद ली। जितेंद्र पत्नी के साथ मनाली घूमने गया था। वहां से जैसे ही पश्चिम बंगाल एयरपोर्ट पर लौटा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की टीम उसके कोलकाता जिले में मुकुंदपुर स्थित फ्लैट पर पहुंची। जहां सास-ससुर और उसकी मां थी। पिता की मौत हो चुकी है। उसके पास से पुलिस को कैश नहीं मिला। करीब 35 बैंक अकाउंट की जानकारी पुलिस को मिली है, लेकिन सभी में से रुपए निकाल लिए गए थे। गूगल ट्रेंड में दूसरे नंबर पर टाटा जूडियो, इसलिए चुना
पुलिस ने बताया कि बीते करीब दो साल से जितेंद्र ठगी का काम कर रहा था। आखिर में उसने खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया यानी ठगी का स्टार्टअप। उसने गूगल पर सर्च किया कि सबसे ज्यादा क्या सर्च हो रहा है तो उस समय संयोग से टाटा जूडियो गूगल की टॉप सर्चिंग ट्रेंड लिस्ट में दूसरे नंबर पर था। बस जितेंद्र ने फैसला कर लिया कि वो टाटा जूडियो के नाम पर ही ठगी करेगा। इसके बाद पिछले 4-5 महीने से जूडियो की फ्रेंचाइजी का प्रपोजल देकर लोगों को झांसा देकर ठगने लगा। धंधा बढ़ाने के लिए जितेंद्र ने कुछ साथी सिलेक्ट किए
उसे अपने ठगी के धंधे के लिए कुछ साथियो की जरूरत थी। आरोपी जितेंद्र मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। वहीं बिहार के नालंदा में उसका ससुराल है। बड़े भाई का ससुराल नवादा जिले में है। नवादा जिले के झोर गांव के रहने वाले सचिन रंजन उर्फ अमित उर्फ टिंकू पिता मिथलेश कुमार (33), अमिष पिता मिथलेश कुमार (23) और नितेश कुमार पिता शिवनंदन प्रसाद (23) को उसने साथी बना लिया। पहले ये उसके साथ कॉल सेंटर में काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 23 लाख 31 हजार रुपए जब्त किए हैं। ठगी के धंधे में जितेंद्र के कुछ रिश्तेदार तक शामिल
पुलिस पूछताछ में अभी तक जितेंद्र ने बताया कि करीब 5 लोगों के साथ उसने जूडियो की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी की है। जितेंद्र 20 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर है। पुलिस को उसने पूछताछ में अकाउंट उपलब्ध कराने वाले का नाम भी बताया है। साथ ही वेबसाइट के लिए डोमेन रजिस्टर्ड करवाने के लिए ऑनलाइन किसके अकाउंट से पेमेंट किया गया, ये भी पुलिस पता कर रही है। वहीं कुछ अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है, जो जितेंद्र के साथ काम करते हैं। इसमें उसके कुछ रिश्तेदार तक शामिल हैं। जितेंद्र के साले की भूमिका भी संदिग्ध है। आरोपी ने लाखों रुपए घूमने-फिरने पर खर्च किए
एसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। मास्टरमाइंड जितेंद्र अभी पुलिस रिमांड पर है। पहले आरोपी कॉल सेंटर में काम करता था। वहां काम सीखने के बाद इसने खुद का काम शुरू करने का फैसला लिया। गूगल पर सर्च कर जूडियो फ्रेंचाइजी के नाम पर ठगी का फैसला जितेंद्र ने किया था। सेकेंड लार्जेस्ट सर्च पर जूडियो का नाम आया था।

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