झालावाड़ के हीरा बॉ कंवर जनाना अस्पताल में एक इलेक्ट्रॉनिक पालना गृह संचालित किया जा रहा है। यह पालना गृह अस्पताल के मुख्य द्वार के दाहिनी ओर स्थित है। इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं को लावारिस छोड़ने से रोकना और उन्हें सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है। चिकित्सा विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे नवजात शिशुओं को झाड़ियों, बस स्टैंड या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर न छोड़ें। ऐसे बच्चे ठंड, दुर्घटनाओं, जंगली जानवरों के हमलों या ऑक्सीजन की कमी के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। विभाग ने लोगों से कहा है कि ऐसे नवजात शिशुओं को जनाना अस्पताल में संचालित पालना गृह में छोड़ दें। यह पालना गृह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जुड़ा है और बच्चे को छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। यह पालना गृह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्ष 2016 से संचालित है। पालना गृह में बच्चे को छोड़ने के बाद, चिकित्सा विभाग की टीम उसका स्वास्थ्य परीक्षण करती है और उचित उपचार प्रदान करती है। इसके बाद, इसकी सूचना जिला कलेक्टर को दी जाती है। निर्धारित प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, इन नवजात शिशुओं को गोद लेने वाले माता-पिता को सौंपा जाता है।


