आगामी 17 से 19 जनवरी को होने वाले उदयपुर बर्ड फेस्टिवल 2025 को लेकर आज उदयपुर के वन भवन में बर्ड वाचिंग के लिए आज फोटोग्राफी वर्कशॉप हुई जिसमें तकनीक बताई गई। इसमें कई जानकारियां देते हुए पक्षी प्रेमियों को कहा कि बर्ड वाचिंग के समय कैमरा क्लिक करते समय जोर से नहीं बोले और पूरी सावधान रखें। बुधवार को चेतक सर्कल स्थित वन भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में फोटोग्राफी वर्कशॉप में कैमरा कंपनियों के प्रतिनिधियों और एक्सपर्ट ने कैमरे को लेकर तकनीक बताई। एक्सपर्ट ने कहा कि पक्षी दिखने के बाद एक सैकेंड का ही समय रहता है ऐसे में पूरी सावधानी रखे और क्लिक कर लें। कैमरा के साथ मोनोपॉड का इस्तेमाल करें एक्सपर्ट ने कहा कि ऐसे समय सावधानी रखी जाए कि पक्षियों को परेशान न करें, इसके लिए धीमे-धीमे आगे बढ़े और तेज नहीं बोले। सबसे खास बात यह है कि ऐसे प्वाइंट पर ट्राइपॉड या मोनोपॉड का इस्तेमाल करें इससे कैमरा स्थिर रहता है और फोटो अच्छा बनेगा। कार्यशाला में वाइल्ड लाइफ सीसीएफ एस.आर.वी. मूर्थी ने कहा कि पूरी बारीकी से साइट पर फोटोग्राफी करें और समय नहीं चूके। उन्होंने कहा कि यह वन विभाग का नहीं उदयपुर का महोत्सव है। डीएफओ डीके तिवारी ने कहा कि महोत्सव में इस प्रशिक्षण के लिए हमने आवेदन मांगे थे और रूचि रखने वाले पक्षीप्रेमियों ने आवेदन किया, इसमें कई स्कूली छात्र भी है। इस दौरान रिटायर्ड डीएफओ सुहैल मजबूर, सहायक वन संरक्षक गणेशलाल गोठवाल, रेंजर गजेंद्र सिंह, अरुण सोनी आदि मौजूद थे। 17 को पिछोला किनारे फेस्टिवल का उद्घाटन
डीएफओ तिवारी ने बताया कि 16 जनवरी को बर्ड रेस में हिस्सा लेने वाले पक्षी प्रेमी 5-6 समूहों उदयपुर के 50 किलोमीटर की परिधि में जाकर बर्ड वॉचिंग करेंगे। 17 जनवरी को पिछोला किनारे स्थित गोल्डन पार्क में बर्ड फेस्टिवल का उद्घाटन होगा। 18 जनवरी को बर्ड वॉचिंग और वेटलैंड विजिट के लिए फेमस छह रूट पर वन विभाग की ओर से आम पर्यावरण और पक्षी प्रेमियों को ले जाया जाएगा। यहां फील्ड विजिट कर पक्षियों की जानकारी दी जाएगी और पक्षी दर्शन कराया जाएगा। 19 जनवरी को होगा समापन 19 जनवरी को बर्ड फेस्टिवल का समापन समारोह होगा। इस दौरान 17 से 19 जनवरी तक गुलाबबाग स्थित बर्ड पार्क में सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क प्रवेश रहेगा। इससे स्कूली विद्यार्थियों में पक्षी पहचान, पक्षियों के संरक्षण में मदद मिलेगी तथा फिल्ड विजिट के दौरान विद्यार्थियों में पक्षी पहचानने की क्षमता का विकास हो।


