प्रभु श्री राम को सदैव अपने अंग-संग मानकर सिमरन करें: संत अश्वनी बेदी

भास्कर न्यूज | लुधियाना श्री राम पार्क स्थित श्री राम शरणम् में श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ चल रहा 71वां राम नाम अखंड जप महायज्ञ कल आर्य कॉलेज में आयोजित भव्य समारोह के साथ संपन्न होगा। आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर यह यज्ञ न केवल लुधियाना, बल्कि पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। महायज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए संत अश्वनी बेदी ने बताया कि इस दिव्य परंपरा की नींव स्वयं स्वामी सत्यानंद महाराज ने वर्ष 1954 में संत नरकेवल बेदी के निवास पर रखी थी। स्वामी ने लगातार पांच वर्षों तक स्वयं इस यज्ञ की आरती उतारी और 1959 में इस परंपरा को आगे बढ़ाने का दायित्व संत नरकेवल बेदी को सौंपा। स्वामी के ब्रह्मलीन होने के बाद उनके उत्तराधिकारी प्रेम महाराज के आशीर्वाद से यह अखंड ज्योति पिछले 70 वर्षों से निर्बाध जल रही है। सत्संग के दौरान संत अश्वनी बेदी ने राम नाम की महिमा बताते हुए कहा कि जिसके हृदय में राम नाम का वास हो जाता है। वह काम, क्रोध और लोभ जैसे विकारों से मुक्त होकर अमरता को प्राप्त करता है। उन्होंने भक्तों को प्रेरित किया कि प्रभु श्री राम को सदैव अपने अंग-संग मानकर सिमरन करें। वर्तमान में संत अश्वनी बेदी, उनकी धर्मपत्नी रेखा बेदी और सुपुत्र रमणीक बेदी पूर्ण दृढ़ता के साथ इस आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। इस दौरान मुख्य रूप से भारत भूषण आशु, सनी भल्ला और महेश मित्तल शामिल हुए। समापन समारोह में सामूहिक रूप से राम नाम का गुणगान किया जाएगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *