झारखंड में सर्वधर्म सामूहिक विवाह समिति द्वारा बुधवार को 95 निर्धन जोड़ों की शादी कराई गई। समिति के 11वें वार्षिक आयोजन में 88 हिंदू, 6 ईसाई और 1 मुस्लिम जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार दहेज मुक्त विवाह किया। विवाह के दौरान टोटो पर निकली बारात सबसे आकर्षण का केंद्र रही। धनबाद में एक साथ 95 टोटो से निकलने वाली बारात शहर के लिए यादगार बन गई। बाराती के साथ सराती भी बैंड बाजे की धुन पर नाचते दिखे। शहर भ्रमण के बाद गोल्फ ग्राउंड में लौटने पर उनका समिति द्वारा स्वागत किया गया। इसके बाद स्टेज पर सामूहिक जयमाला के बाद शादी की रस्म अदा की गई। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता इस विवाह समारोह की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां दहेज की कोई भूमिका नहीं है। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए सभी दूल्हों की बारात पारंपरिक वाहनों की जगह टोटो में निकाली गई। ढोल-नगाड़ों के बीच निकली यह अनूठी बारात आकर्षण का केंद्र बनी। कपड़े और बर्तन भी दिए गए गोल्फ ग्राउंड में आयोजित इस समारोह के लिए एक विशाल मंच तैयार किया गया। यहां सभी 95 जोड़ों का जयमाला समारोह एक साथ संपन्न हुआ। इसके बाद विधि-विधान से विवाह हुआ। जोड़ों को विवाह के बाद गृहस्थी बसाने का सामान दिया गया। फोल्डिंग, गद्दे, बेडशीट, कपड़े, बर्तन, श्रृंगार सामग्री, ट्रंक इसमें शामिल हैं। 101 जोड़ों का लक्ष्य रखा गया था सर्वधर्म सामूहिक विवाह समिति के अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने 2014 में इस पहल की शुरुआत की थी। इसमें 40 संगठन मिलकर काम करती हैं। अब तक समिति 994 जोड़ों का विवाह करा चुकी है। इस वर्ष 101 जोड़ों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 95 जोड़ों ने पंजीकरण कराया। यह आयोजन अब पूरे झारखंड में एक मिसाल बन चुका है, जो न केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक है, बल्कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी देता है।


