कानपुर में योगा टीचर अन्नपूर्णा चतुर्वेदी की मौत में एक बड़ा खुलासा हुआ है। उन्हें पहले कुत्तों ने दौड़ाया था और फिर उसी के बाद एक ऑटो ने टक्कर मार दी थी। जिससे वह अनियंत्रित होकर गिरी। उनके सिर पर गम्भीर चोट लगी जिससे उनकी मौत हो गई। बुधवार को पोस्टमार्टम में उनके सिर की तीन हड्डियां टूटने और कोमा में जाने से मौत की पुष्टि हुई है। कुत्तों के दौड़ाने का फुटेज सीसीटीवी कैमरे में कैद नहीं हुआ है। जबकि पुलिस के पास वो फुटेज मौजूद है जिसमें ऑटो उन्हें टक्कर मार रहा है। पुलिस के मुताबिक परिवार वाले तहरीर देते हैं तो कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। जिसके बाद मृतका का गोविंद नगर स्थित स्वर्गाश्रम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम में मौजूद परिजन इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि हमारा घर खत्म हो गया। बर्रा निवासी योगा टीचर अन्नपूर्णा चतुर्वेदी योग क्लासेस लेकर मंगलवार की रात नवीननगर काकादेव से घर लौट रही थी। उसी दौरान गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम के पास ऑटो की टक्कर से वह गिरी। हेलमेट का हुक बंद न होने के कारण हेलमेट सिर से अलग हो गया और उनका सिर सीधे सड़क पर पड़ी ईंटों से टकरा गया। बुधवार की सुबह योगा टीचर का पोस्टमॉर्टम हुआ तो पता चला कि उनके सिर की हड्डी तीन जगह से टूटी है। जिसके कारण ब्रेन में इंटरनल ब्लीडिंग होने के कारण वो घटना के बाद ही कोमा में चली गई थी। जिसके कारण अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उन्हें ब्राट डेड घोषित कर दिया था। बहन के यहां आने जाने के दौरान हुई थी मुलाकात अन्नपूर्णा के पति सुरेश सिंह की हालत खराब थी। पोस्टमॉर्टम में पत्नी का शव देख वो बिलखकर रो पड़े। उनके परिजन उन्हें ढांढस बंधाने में जुटे रहे। सुरेश सिंह ने बताया कि गुमटी में उनकी बहन रहती है। उनके यहां आने-जाने के दौरान अन्नपूर्णा से मुलाकात हुई थी। 19 फरवरी 1989 को उन्होंने अन्नपूर्णा से प्रेम विवाह किया था। अन्नपूर्णा से उनकी एक बेटी दिव्या है जिसकी पिछले साल फरवरी में शादी हो चुकी है। सुरेश ने बताया कि पहली पत्नी ने शादी के कुछ माह बाद ही उनसे रिश्ता तोड़ दिया था। अन्नपूर्णा से उन्होंने दूसरी शादी की थी। सुरेश ने बताया कि काफी समय तक उन्होंने हैलट अस्पताल के पास स्थित मोहन मेडिकल स्टोर में काम किया था। इसके बाद उन्होंने मनीराम बगिया बाजार में बिजली उपकरणों की दुकान में भी नौकरी की है। आवारा जानवर से शहर हमेशा रहा है परेशान अन्नपूर्णा चतुर्वेदी की मौत इस शहर में नई नहीं है। सिस्टम की खामी के चलते जो आवारा जानवर सड़क पर घूमते हैं। उनके कारण पहले भी कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। 22 जुलाई 2023: कोपरगंज में वृद्धा कविता तिवारी को सांड़ ने पकड़कर पटक दिया। जिसमें उनकी मौत हो गई थी 13 नवंबर 2023 : बिरहाना रोड पर गाय का 6 लोगों पर हमला, एक की मौत 15 नवंबर 2023 : गणेश मंदिर के पास बुजुर्ग राम प्रकाश को सांड़ ने पटका 19 दिसंबर 2023 : रेल बाजार में सांड़ ने बुजुर्ग को पटका, इलाज के दौरान मौत 21 दिसम्बर 2023: बाबाघाट निवासी गुड्डन को कचहरी के पास सांड़ ने पटक दिया था 1 जनवरी को हैलट में उनकी मौत हो गई 14 जनवरी 2025ः काकादेव में अन्नापूर्णा चतुर्वेदी पर कुत्तों ने हमला किया जिसमें उनकी मौत हो गई पिछले वर्षों में भी होती रहीं घटनाएं 20 जून 2018 : ओमपुरवा में वृद्ध श्याम लाल को सांड़ ने पटका, घायल 8 मई 2018: शिव कटरा निवासी छात्रा नेहा को सांड़ ने पटका, लहुलुहान 6 अगस्त 2018: रामादेवी सब्जी मंडी में मुकेश कुमार को सांड़ ने पटका 8 मई 2017 : ओमपुरवा निवासी बॉबी जायसवाल को सांड़ ने पटका 8 सितंबर 2017: सांड़ ने बाइक सवार उमेश को जगईपुरवा में पटका आंकड़े डराते हैं
09 लोग सांड़ के हमले में गवां चुके जान 167 लोगों की सांड़ के हमले में हड्डी टूटी 269 लोग अन्ना के हमले से अस्पताल पहुंचे 448 सड़क हादसे हो चुके अन्ना की वजह से


